फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दोमुंहा सांपों के तस्करों ने किया था कुलदीप का अपहरण

Sat, 25 Nov 2017 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
गिरफ्तार - फोटो : FILE PHOTO
विज्ञापन
शंकरगढ़ से अपहृत कुलदीप कुमार को पुलिस ने झांसी से बरामद करते हुए पांच अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है। कुलदीप का अपहरण मेडिसिन में प्रयोग किए जाने वाले अति दुर्लभ दोमुंहा सांपों के लिए किया गया था। अपहर्ताओं ने घर में फोन कर चार किलो दोमुंहा सांप या 20 लाख रुपये पहुंचाने को कहा था। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस से अपहर्ताओं की लोकेशन खोज निकाली और पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पकड़े गए सभी सांपों के तस्कर निकले। चौंकाने वाली बात यह कि इनमें रेलवे में सुपरवाइजर और एक निजी कंपनी का पूर्व डिप्टी जीएम भी शामिल है।
विज्ञापन


शंकरगढ़ के रहने वाले बालू व्यवसायी कुलदीप कुमार का 22 नवंबर को अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन जब घरवालों के पास फिरौती के लिए फोन आया तो उनके होश उड़ गए। अपहर्ताओं ने उनसे चार किलो दोमुंहे सांपों की मांग की। यह भी कहा अगर सांपों का इंतजाम नहीं हुआ तो 20 लाख रुपये लेकर ग्वालियर आ जाएं। कुलदीप के घरवाले भागकर थाने पहुंचे।

एसओ अमित मिश्रा ने भी परिवार वाला बनकर अपहर्ताओं और कुलदीप से बात की। सांपों की फिरौती की बात सुनकर सभी आश्चर्यचकित थे। एसएसपी को जानकारी दी गई। अपहर्ताओं के मोबाइल से उनकी लोकेशन झांसी में मिली थी। 23 नवंबर को एक टीम झांसी भेज दी गई। अपहर्ताओं से बार-बार बात कर कर पुलिस लोकेशन अपडेट कर रही थी।
विज्ञापन


झांसी में टवेरा गाड़ी में सवार तस्करों को घेरकर पुलिस ने कुलदीप कुमार को बरामद कर लिया। इसके साथ ही ग्वालियर के महिपाल प्रताप, रमेश कुमार झा, दतिया के कुलदीप गुप्ता, सिपरी बाजार झांसी के सुरेंद्र श्रीवास और ग्वालियर के विजय बहादुर सिंह भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से टवेरा गाड़ी, एक रायफल, सात कारतस और सात मोबाइल बरामद हुए। वहां कंट्रोल रूम को सूचना देकर सभी को इलाहाबाद लाया गया। अधिकारियों ने भी आरोपियों से पूछताछ की।
एसएसपी आकाश कुलहरी ने बताया कि पांचों अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सांप तस्कर हैं। वे नेपाल और चीन में सांपों की तस्करी करते हैं। जो सांप यहां दस लाख रुपये किलो है, उसी की कीमत अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में दो से तीन गुनी हो जाती है। तस्करों का कहना है कि दोमुंहा सांप इसलिए महंगा मिलता है क्योंकि चीन में कैंसर की एक मेडिसिन में इसका प्रयोग किया जाता है।

मध्य प्रदेश के रहने वाले सांपों के तस्कर 22 नवंबर को इलाहाबाद दूसरी बार आए थे। एक महीने पहले वे यहां से एक किलो दोमुंहा सांप लेकर गए थे। उससे अच्छा खासा मुनाफा कमाया था। उन्हें पता चला था कि शंकरगढ़ में कपारी गांव के पास रहने वाले संपेरे अति दुर्लभ दोमुंहा सांप रखते हैं। 22 नवंबर को शंकरगढ़ में एक माध्यम से तस्करों ने कुलदीप से संपर्क किया। कुलदीप उन्हें संपेरा बस्ती ले भी गया लेकिन वहां दोमुंहा सांप नहीं मिल पाया। कुलदीप ने संपेरे और सांपों के बारे में तस्करों को इतना बता दिया था कि वह उसका अपहरण कर झांसी ले गए और घर वालों को फोन कराया कि चार किलो सांप लाओ या फिर 20 लाख, नहीं तो कुलदीप को मार दिया जाएगा।

एसओ अमित मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए तस्कर अच्छे घरों से हैं। पैसों के लालच ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर का तस्कर बना दिया। दतिया के छोटा बाजार का रहने वाला कुलदीप गुप्ता रेलवे में सुपरवाइजर है। ग्वालियर का विजय बहादुर सिंह एक बड़ी कपड़ा फैक्ट्री में डिप्टी जीएम था। रिटायर होने के बाद वह भी गिरोह में शामिल हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें