विदेश से यहां करेली स्थित मायके में रहने वाली पत्नी को व्हाट्स एप पर वायस रिकार्डिंग के लिए तीन तलाक देने वाले व्यक्ति और उसके ससुरालियों के खिलाफ एफआईआर लिख ली गई है। पुलिस ने मुकदमा लिखकर छानबीन शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस को बतौर सुबूत वायस रिकार्डिंग भी सौंप दी है।
करेली में रहने वाली शाजिया फातिमा का विवाह 21 जून 2009 को महेवा पूरब पट्टी नैनी निवासी 35 वर्षीय आरिफ के साथ किया गया था। शाजिया का आरोप है कि शादी के कुछ ही महीने बाद पति आरिफ सऊदी अरब चला गया। यहां ससुराल में शाजिया को देवर और ननद दहेज कम लाने का ताना देने लगीं। उसे गरीब परिवार का कहकर कई बार पीटा गया। फिर ससुराल से भगा दिया गया। मायके वालों के बहुत मिन्नत करने पर शाजिया को ससुराल ले जाया गया। आरिफ ने उसे अपने साथ सऊदी अरब ले जाने का भरोसा दिया था लेकिन बाद में उसका पासपोर्ट अपने पास रखकर कह दिया कि उसे सऊदी नहीं ले जा सकता है।
शाजिया का आरोप है कि आरिफ का पहला ब्याह रीवा में हुआ था। पहली पत्नी को उसने तलाक देकर घर से भगा दिया था। आरिफ ने उसे भी शादी के बाद कई बार पीटा और धमकाया। मई 2016 में ननद रुखसाना ने प्रताड़ित कर उसे घर से भगा दिया। करीब तीन लाख रुपये के गहने हड़प लिए। 18 दिसंबर 2017 को आरिफ ने उसे व्हाट्स एप पर वायस रिकार्डिंग भेजी, जिसमें शाजिया पर किसी और से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए तीन तलाक बोल दिया। रिकार्र्डिंग में यह भी कहा कि उसने शाजिया को कई बार बुलाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं आई। शाजिया का कहना है कि यह सरासर झूठ है। इस बारे में शाजिया ने आरिफ के पिता यूनूस से शिकायत की, लेकिन उन्होंने भी पुत्र का ही पक्ष लिया।
आरोप है कि 6 जनवरी को देवर इस्माइल ने भी शाजिया को सऊदी से फोनकर धमकी दी कि वह जल्दी ही इलाहाबाद आ रहा है। वह सबका जीना मुश्किल कर देगा। शाजिया ने तहरीर में लिखा है कि साल भर पहले ही उसका पिता का इंतकाल हो चुका है। तीन तलाक और धमकियों से वह और उसके मायके वाले बेहद दुखी हैं। उसे ससुरालियों से खतरा है। थानाध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि उत्पीड़न मारपीट, गहने हड़पने के आरोप में केस लिखकर जांच शुरू कर दी गई है।