जिले में करीब तीन हजार ई रिक्शे अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। आरटीओ की लाख कोशिशों के बाद भी अब तक महज 2050 ई रिक्शा ही पंजीकृत कराए गए हैं। उधर अवैध रूप से चल रहे ई रिक्शा व डीजल चालित टेंपो-ऑटो के खिलाफ अभियान सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन लगभग 100 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
आरटीओ अफसरों का कहना है कि ई रिक्शा के पंजीकरण के संबंध में पहले ही निर्देश दिया जा चुका है। कुंभ मेले को देखते हुए यह और भी जरूरी हो गया है कि ई रिक्शा चालकों का डाटा बेस जिला प्रशासन के पास हो। ऐसा तभी संभव है जब सभी ई रिक्शे पंजीकृत कर लिए जाएं। हालांकि आरटीओ अफसरों की तमाम कोशिशों के बाद भी अधिकांश ई रिक्श संचालक पंजीकरण से कतराते रहे हैं। अफसरों ने बताया कि वर्तमान समय में जिले में लगभग पांच हजार ई रिक्शा चल रहे हैं। हालांकि इनमें से पंजीकरण आधे से भी कम ने कराए हैं। 25 अक्तूबर तक 2050 ई रिक्शा ही पंजीकृत हो सके थे। इस हिसाब से अब भी लगभग तीन हजार ई रिक्शे अवैध रूप से चल रहे हैं।
उधर अवैध रूप से चल रहे ई रिक्शा व डीजल चालित टेंपो-ऑटो के खिलाफ आरटीओ व ट्रैफिक पुलिस का संयुक्त अभियान सोमवार से शुरू हो गया। पहले दिन 64 ई रिक्शा सीज किए गए जबकि छह का चालान किया गया। उधर 35 टेंपो सीज भी सीज किए गए। अफसरों का कहना है कि मौजूदा दौर में जिले में लगभग 3500 डीजल चालित टेंपो-ऑटो चल रहे हैं जो अवैध हैं। इनके संचालकों को 31 मई तक सीएनजी किट लगवाने की मोहलत दी गई थी। जिन टेंपो-ऑटो में सीएनजी किट नहीं लगी है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।