इलाहाबाद। एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट ने स्मैक की खेप लेकर जा रहे बाइक सवार तीन लोगों को बुधवार देर रात लूकरगंज इलाके में गिरफ्तार कर लिया। बरामद स्मैक की कीमत सवा करोड़ रुपये आंकी गई है। पकड़े गए लोग बाराबंकी, बरेली तथा नागालैंड से स्मैक की खेप मंगाकर शहर के साथ ही कौशाम्बी, प्रतापगढ़ और कानपुर तक सप्लाई करते थे। अब पुलिस स्मैक के नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की धरपकड़ की कोशिश कर रही है।
एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के उपनिरीक्षक अतुल कुमार सिंह और श्रीनिवास यादव को बुधवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि बिना नंबर की सीबीजेड बाइक पर तीन लोग स्मैक की खेप लेकर पानी टंकी ओवरब्रिज से लूकरगंज की तरफ जाने वाले हैं। एसटीएफ ने खुल्दाबाद पुलिस के साथ घेराबंदी कर बाइक सवार तीन लोगों को पकड़ लिया। उनके पास थैले में करीब सवा किलो स्मैक मिली। इसके अलावा, एक डिजीटल तराजू, चार मोबाइल फोन और 57 हजार रुपये भी बरामद हुए। उन तीनों को खुल्दाबाद थाने ले जाकर पूछताछ की गई। डिप्टी एसपी एसटीएफ प्रवीण सिंह चौहान के मुताबिक, गिरफ्तार स्मैक तस्करों में कीडगंज में पीली कोठी के पास रहने वाला विक्की जायसवाल, कीडगंज में ही बीच वाली सड़क निवासी राहुल गुप्ता और कानपुर में बौहारा गांव का स्वयं प्रकाश उत्तम है। विक्की ने बताया कि वह बेनीगंज में बाबा चौराहा के पास रमेश साहू के मकान में रहकर स्मैक का धंधा करता है। वह बरेली और बाराबंकी से माल मंगाकर यहां मुट्ठीगंज मलिन बस्ती में नेता नामक औरत और गऊघाट में कुमार नामक लड़के को खेप देता है। वह करीब सात साल से स्मैक तस्करी में लिप्त है। उसने स्मैक सप्लाई के लिए अपने जीजा अनूप जायसवाल के नाम से बाइक खरीदी है। विक्की उर्फ विशाल 2012 में स्मैक के साथ कीडगंज में गिरफ्तार किए जाने के बाद जेल भेजा गया था।
नैनी जेल में बंद है तस्करों का सरगना
एसटीएफ को विक्की से पूछताछ में मालूम हुआ कि इस गिरोह का सरगना गिरीराज शर्मा 2014 में दो किलो स्मैक के साथ करेली में पकड़े जाने के बाद से नैनी जेल में बंद है। वह जेल से ही फोन के जरिए विक्की समेत दूसरे स्मैक तस्करों से संपर्क बनाकर राजस्थान, नागालैंड, मणिपुर से खेप मंगाकर सप्लाई कराता है। नागालैंड का काजल नामक व्यक्ति किसी आनंद राय के खाते में पैसा मंगाने के बाद स्मैक की खेप भेजता है।