फाफामऊ। मलाक हरहर इलाके में सोमवार रात दंपति की हत्या में पुलिस का शक उन दो लोगों ने पर गहरा गया है जो घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस उन तीन लोगों को शिद्दत से खोज रही है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही इन अहम सुबूतों के आधार पर कातिलों को बेनकाब किया जाएगा। इस बीच, बुधवार को दंपति के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
मलाक हरहर के मजरा पचपेड़वा में रहने वाले नीलेश कुमार यादव उर्फ बच्चा (30) और उसकी पत्नी मोनू (27) को सोमवार रात छत के रास्ते घुसे बदमाशों ने उस वक्त मार डाला जब वे तीनों बेटों के साथ सो रहे थे। बच्चे रात में हमले के वक्त जग गए थे लेकिन अंधेरा होने की वजह से वे बाहर नहीं निकल सके और रोते हुए रात गुजार दी। सुबह बेटे रोते हुए बाहर निकले तो लोगों को घटना का पता चला। दूसरे कमरे में आलमारी-बक्से का लॉक टूटा और सामान बिखरा था मगर पुलिस मान रही है कि यह योजनाबद्ध तरीके से किए गए कत्ल और लूट का नजारा पुलिस को गुमराह करने के लिए किया गया है।
पूछताछ में पता चला कि नीलेश ने अपनी चार बिस्सा जमीन का किसी से सौदा किया था। अभी बिक्री की रकम उसे लेनी थी। इसी एंगल पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसी गांव के तीन लोग घटना के बाद से गायब हैं। पुलिस का घेरा कसा तो एक व्यक्ति आ गया मगर दो लोग अब भी नदारद हैं। वे अब पुलिस के लिए मुख्य संदिग्ध हो गए हैं क्योंकि उन पर शुरू से ही शक है। इस बाबत एसपी क्राइम रमाकांत प्रसाद का कहना है कि संदिग्ध लोगों की तलाश हो रही है। कुछ लोगो को हिरासत में लिया गया है।
घर में घुसकर दंपति की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से एक और जानकारी मिली है। घटनास्थल पर शवों को देखने के बाद कहा गया था कि पति नीलेश के सिर में गोली मारी गई जबकि पत्नी मोनू को लाठी से पीटकर मारा गया। मगर पोस्टमार्टम में साफ हुआ कि नीलेश के सिर में गोली नहीं मारी गई। बल्कि दोनों को लाठी और रॉड से पीटकर मौत के घाट उतारा गया है। यानी दोनों की हत्या बेहद बेरहमी से की गई।