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सिरफिरे युवक ने छात्रा को गोली मारकर खुद जान दी

Fri, 14 Jul 2017 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शहर से सटे फाफामऊ कस्बे की शांतिपुरम कॉलोनी में बृहस्पतिवार सुबह प्रतियोगी छात्र अजीत कुमार मौर्या ने एमए की छात्रा कीर्ति यादव को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली। कीर्ति एमए की परीक्षा देने के बाद नवाबगंज में घर लौटने के लिए ऑटो में बैठने जा रही थी तभी अजीत ने उसे सड़क पर रोककर सबके सामने तमंचे से गोलियां मारीं। उसकी हालत गंभीर बनी है। पुलिस के अनुसार उन दोनों के बीच लंबे समय से दोस्ती थी। तीन माह पहले शादी के बाद कीर्ति ने मिलना बंद कर दिया था। इससे बौखलाए अजीत ने यह घटना कर डाली। उसके जेब में एक सुसाइड नोट मिला है, जिसकी जांच हो रही है।
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अजीत कुमार (26) नवाबगंज में हथिगवां निवासी शिवकुमार मौर्या के दो पुत्रों में छोटा था। शिवकुमार ने चौराहे पर परचून की दुकान खोल रखी है जबकि बड़ा पुत्र वहीं स्टेशनरी की दुकान चलाता है। अजीत बीए की पढ़ाई के बाद अब एसएससी समेत दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा था। वह रोज सुबह शांतिपुरम में एक कोचिंग में पढ़ाई के लिए जाता था। छात्रा कीर्ति यादव भी नवाबगंज के महमदपुर गांव की रहने वाली थी। उसके पिता नारायण प्रसाद यादव सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं। चार बहनों में बड़ी कीर्ति का करीब तीन महीने पहले अप्रैल में शहर के झलवा में ब्याह हुआ है।

कीर्ति अभी मायके में थी। वह राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई कर रही है। बृहस्पतिवार को वह शांतिपुरम स्थित विश्वविद्यालय परिसर में राजनीति विज्ञान की परीक्षा देने गई थी। सुबह पिता नारायण ने उसे बाइक पर वहां छोड़ा। दस बजे परीक्षा खत्म होने के बाद वह पैदल ऑटो में बैठने जा रही थी तभी अजीत उसके पास आया। घटना के वक्त वहां मौजूद रहे लोगों के मुताबिक, कुछ दर तक वे दोनों साथ गए। फिर एचडीएफसी बैंक की शाखा के पास अजीत ने अचानक तमंचा निकालकर कीर्ति की कनपटी पर फायर कर दिया। गोली धंसने पर कीर्ति घायल होकर गिरी तो अजीत ने दुबारा तमंचा लोडकर अपनी दाहिनी कनपटी पर नाल सटाकर गोली मार ली।
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अजीत हाथ में तमंचा थामे सड़क पर गिर गया। भीड़ लगी तो खबर पाकर फाफामऊ चौकी से पुलिस पहुंची। उन दोनों को शहर में एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। एसपी गंगापार सुनील सिंह भी मजिस्ट्रेट के साथ आ गए। अजीत की कुछ देर बाद मौत हो गई। हालांकि गोली धंसने के बावजूद कीर्ति की हालत सामान्य थी। उसने एसपी गंगापार को बताया कि अजीत से उसकी दोस्ती थी लेकिन शादी के बाद उससे बातचीत बंद कर दी थी। इसी वजह से वह भन्नाया था। वह उसके पीछे पड़ गया था और मिलने पर धमकाता था। बृहस्पतिवार को वह कीर्ति को मारकर आत्महत्या के इरादे से ही तमंचा लेकर आया और वारदात कर डाली। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन कर कीर्ति के सिर में धंसी गोली निकाली जाएगी। उसके पिता नारायण ने अजीत के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज कराया है।
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