एक रविवार रात गोली लगने से आनंद अखाड़े के जगदीशपुरी महाराज के ड्राइवर की मौत के मामले में सोमवार को चौंकाने वाली बात सामने आई। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पता चला है कि गोली चलाने वाले बदमाश का निशाना एक दुकानदार था, लेकिन गोली वहां से गुजर रहे विकास को लगी और उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस अभी इस मामले में कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि जांच की जा रही है।
अल्लापुर स्थित नारायण विहार कॉलोनी में रहने वाले विकास सिंह (22) की रविवार रात पौने 10 बजे के करीब चलती कार में गोली लगने से मौत हो गई थी। वह जगदीशपुरी महाराज का ड्राइवर था। वारदात के वक्त कार में उसके साथ मौजूद रहे दोस्त गोलू ने बताया था कि बदमाशोें ने पुराने साकेत अस्पताल के सामने चलती कार में गोली मारी। परिवारवालों ने किसी रंजिश की बात से इंकार किया था। ऐसे में पुलिस रात भर घटना को लेकर पसोपेश में रही। सोमवार सुबह मामले में नया मोड़ तब आ गया जब घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया। फुटेज से साफ है कि गोली चलाने वाले बदमाश का निशाना विकास नहीं था। वह अल्लापुर चौकी के पास कबाब पराठे का ठेला लगाने वाले दुकानदार को मारने पहुंचा था। हालांकि, गोली उसे न लगकर वहां से गुजर रहे विकास को जा लगी और उसकी मौत हो गई। पुलिस सूत्रों की मानें तो तो माना जा रहा है कि विकास के साथियों ने घटना के बाद जो बयान दिया, वह घबराहट में दिया था।
क्या दिख रहा है फुटेज में
फुटेज में दिख रहा है कि रात 9.47 मिनट पर अल्लापुर पुलिस चौकी से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित कबाब पराठे के ठेले पर चार से पांच लोग पहुंचते हैं। उनके हाथों में असलहे थे। पहुंचते ही ये लोग दुकानदार को मारना शुरू कर देते हैं, जिसके बाद दुकानदार व एक कर्मचारी ठेला छोड़कर भागने लगते हैं। इसके बाद एक बदमाश भाग रहे दुकानदार को हाथ से ही मारना शुरू कर देता है। इसी दौरान एक अन्य बदमाश असलहा निकालकर दो फायर झोंकता है। फुटेज में वह कार दिखाई देती है, जिसमें विकास व उसके साथी बैठे थे। कुछ दूर आकर गाड़ी चला रहा विकास बगल वाली सीट की ओर लुढ़क जाता है और गाड़ी रुक जाती है। उसे खून से लथपथ देखकर उसके साथी कार से उतरकर मदद की गुहार लगाते हैं और वहां लोगों का जमावड़ा लग जाता है।
कर्मचारी ने बयां की आपबीती
जिस कबाब पराठे के दुकानदार को मारने के लिए बदमाश पहुंचे थे, उसकी दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने घटना की पूरी कहानी मीडिया के सामने बयां की। इसरार नाम के इस युवक ने बताया कि चार से पांच लोग दुकान पर असलहे लेकर पहुंचे थे। इसमें वह किसी बाली का नाम भी ले रहा है। उसका कहना है कि बाली उस जगह पर कबाब पराठे का ठेला लगाने से मना कर रहा था। उसने इस बात को लेकर दुकान मालिक को धमकी भी दी थी। इस बात की शिकायत पुलिस से भी करने की बात वह कैमरे के सामने करता दिख रहा है।
कहां थी पुलिस, कैसे नहीं लगी भनक
इस पूरे मामले में अल्लापुर चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। जिस जगह पर वारदात हुई वह चौकी से चंद कदमों की दूरी पर है। सामने ही अस्पताल भी है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जिस वक्त घटना हुई, उस वक्त आमतौर पर यहां काफी भीड़भाड़ रहती है। इस स्थिति में असलहाधारी बदमाशों का यहां पहुंचना और सरेआम फायरिंग करना उनके दुस्साहस को बयां करता है। एक सवाल यह भी है कि बदमाश जब दुकानदार से मारपीट कर रहे थे, तब पुलिस को इसकी भनक कैसे नहीं लगी। वह भी तब जब पुलिस चौकी पर खड़े होकर भी इस जगह पर होने वाली गतिविधियां साफ नजर आती हैं।