इलाहाबाद। कचहरी में बवाल के बाद फायरिंग में जख्मी हुए सिपाही अजय नागर के शरीर से गोली नहीं निकाली जाएगी। रविवार को एम्स की स्पाइनल सर्जरी सेंटर के विशेषज्ञ डॉ.अनुराग श्रीवास्तव और डॉ.अमरेश सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अजय की रिपोर्ट की जांच के बाद यह फैसला लिया। कहा, गोली हृदय, श्वास नली और रीढ़ हड्डी के बीच फंसकर रीढ़ को छू रही है। आपरेशन करने से उसके जीवन पर खतरा हो सकता है। एक्स विशेषज्ञों की सलाह पर उसके घाव की सफाई भी की गई। सिपाही पर इंफेक्शन का खतरा भी मंडरा रहा है।
एम्स के डॉक्टरों को रविवार को इलाहाबाद आना था लेकिन फ्लाइट मिस होने के कारण वे नहीं पहुंच सके। जीवन ज्योति अस्पताल के निदेशक डॉ. एके बंसल के मुताबिक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे संपर्क साधा गया। उनको एमआरआई और सीटी स्कैन रिपोर्ट ईमेल से भेजी गई। अभी डॉक्टरों ने उसे अस्पताल में ही रखने की सलाह दी है लेकिन परिजन उसे नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाना चाहते हैं।
इसको लेकर पुलिस अफसरों ने डॉक्टरों से बात की। एसपी सिटी राजेश यादव ने बताया कि अजय को सोमवार को आईसीसीयू एंबुलेंस से नोएडा के फोर्टिस अस्पताल भेजा जाएगा। गोली अगर अपनी जगह से खिसकती है तो बाद में आपरेशन का फैसला किया जा सकता है। सिपाही को फिलहाल सबसे अधिक खतरा इंफेक्शन से है। सिपाही को 11 मार्च को कचहरी में बवाल के बाद गर्दन में गोली लगी थी। गोली गले को चीरते हुए उसके हृदय के पिछले हिस्से में पहुंच गई। गोली के साथ अजय फिर से नौकरी कैसे करेगा, यह सवाल अब भी बना हुआ है।