Absconding Ahmedabad serial blasts (2008) accused Nasir Rangrej arrested
सेंट्रल जेल नैनी से इलाज की खातिर एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया सजायाफ्ता कैदी नंदकिशोर सोमवार आधी रात बेड से उठकर भाग गया। उसकी निगरानी में तैनात दोनों बंदी रक्षक नींद में डूबे रहे। रात में दूसरे बंदी रक्षक ड्यूटी पर आए तो पता चला कि कैदी भाग गया और पहले से तैनात बंदी रक्षक उसकी तलाश में भटक रहे हैं। रात भर खोजबीन के बाद मंगलवार सुबह अफसरों को इस बारे में खबर दी गई। जेल अफसरों ने आकर जानकारी लेने के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। लापरवाही में दोनों बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
बांदा जनपद में अतर्रा क्षेत्र के बल्लान गांव का नंद किशोर पुत्र रामदास हत्या की वारदात में आरोपी था अदालत से उसे सजा सुनाए जाने पर 29 मई को बांदा जिला कारागार से सेंट्रल जेल नैनी स्थानांतरित कर दिया गया था। पेट और हड्डी से जुड़ी गंभीर बीमारी के इलाज की खातिर उसे सात जुलाई को एसआरएन अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। सोमवार दिन में बंदी रक्षक आशुतोष गुप्ता और अरूण कुमार को उसकी निगरानी में तैनात किया गया था।
आधी रात बाद करीब एक बजे दूसरे दो बंदी रक्षक ड्यूटी पर आए तो पता चला कि कैदी फरार हो गया है। पहले से तैनात दोनों बंदी रक्षक उसकी खोजबीन में लगे थे। सुबह तक तलाश करने के बाद बंदी रक्षकों ने यह जानकारी जेल अफसरों को दी तो खलबली मची। वरिष्ठ अधीक्षक के साथ ही जेलर और डिप्टी जेलर अस्पताल पहुंच गए। बंदी रक्षकों ने खुद को बचाने के लिए कहानी गढ़ी लेकिन घोर लापरवाही की वजह से उन दोनों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही कोतवाली में फरार कैदी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। बांदा पुलिस को भी जानकारी दी गई।