यमुनापार के घूरपुर थाना क्षेत्र के बसवार गांव में शुक्रवार की शाम 10 साल का बच्चा ट्रैक्टर की चपेट में आकर घायल हो गया। आरोपियों ने अमानवीयता की हद पार करते हुए घायल बच्चे को बालू में जिंदा दफन कर दिया। घर वाले पांच घंटे बाद बच्चे को ढूंढ पाए। उसका हाथ बालू से बाहर निकला हुआ था। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में गांव के ही छह लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। तीन अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बसवार गांव निवासी मक्खन निषाद का दस साल का बेटा समीर शुक्रवार शाम को पड़ोसी टिंकू के साथ खेलने के लिए निकला था। इसी बीच समीर शौच के लिए घाट की ओर निकल गया। वहीं पर एक ट्रैक्टर की चपेट में आने से घायल हो गया। आरोपियों ने घायल समीर को वहीं बालू में दफना दिया और भाग निकले। वह काफी देर तक नहीं आया तो टिंकू भी अपने घर चला गया। उधर ज्यादा देर होने जाने पर घर वाले समीर को तलाश करने लगे। उसका कहीं कुछ पता नहीं चल रहा था। रात में करीब 12 बजे गांव के एक शख्स ने समीर का हाथ रेत के बाहर निकला देखा तो हड़कंप मच गया। तुरंत उसे बाहर निकाला गया। घर वालों के मुताबिक समीर की सांसें चल रही थी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और समीर को लेकर चाका सीएचसी भागे। वहां के बाद समीर को स्वरूप रानी नेहरू हास्पिटल प्रयागराज ले जाया गया। यहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। समीर के ताऊ सुनील कुमार के मुताबिक रात में जब सभी लोग बच्चे को ढूंढ रहे थे तो वहां पर एक कार खड़ी थी। जब गांव वाले पहुंचे तो कार वाले भाग निकले।
एसओ घूरपुर बृजेश सिंह के मुताबिक शनिवार को पिता की तहरीर पर गांव के ही कल्लू यादव, कमलेश यादव, वरुण सिंह, धर्मराज यादव, मुकेश यादव व राजू सिंह तथा तीन अज्ञात के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। एसओ के मुताबिक आरोपियों की खोजबीन की जा रही है। उनके करीबियों और दोस्तों को उठाकर उनके बारे में पता किया जा रहा है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है।