पढ़ाई के लिए पिता की फटकार पर प्रतियोगी छात्र ने गमछे से फांसी लगाकर जान दे दी। बेटे को गुस्सैल स्वभाव से परिचित मां रविवार शाम उसे देखने के लिए जौनपुर से नया पुरवा स्थित कमरे पर पहुंची तो बेटे का शव मिला। खबर पाकर शिवकुटी पुलिस पहुंची।
जौनपुर के सरायखोजा इलाके में भटपुरवा गांव निवासी रमेश चंद्र किसान हैं। उनका बेटा करन (24) नया पुरवा में पुरुषोत्तम के यहां किराए पर रहकर पढ़ाई करता था। उसके साथ चचेरा भाई राजू भी रहता था। तीन दिन पहले राजू घर गया तो बताया कि रमेशचंद्र को बताया कि करन मन लगाकर पढ़ाई नहीं करता है। इस पर रमेश चंद्र ने बेटे को फोन कर फटकार लगाई थी। पिता की डांट से करन गुस्से में था। वह घरवालों से फोन पर बात नहीं कर रहा था। बेटे के गुस्सैल स्वभाव से परिचित मां सरोज रविवार शाम उससे मिलने के लिए इलाहाबाद आ गई। वह घर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद था। अंदर करन का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। बेटे का शव देखकर मां सरोज दहाड़ मारकर रोने लगी।