भुलई का पूरा गांव के पास कंटेनर-बोलेरो में टक्कर से धमाका हुआ फिर कोहराम मच गया। एक तरफ कंटेनर पलटा था तो दूसरी तरफ जलती बाइक के पास युवक मृत पड़ा था। बोलेरो भी क्षतिग्रस्त थी। लोग जुटे तो स्थिति देख घबराकर पलटे कंटेनर पर ही पथराव करने लगे। उनका कहना था कि कंटेनर की वजह से यह हादसा हुआ हालांकि कुछ लोगों ने बताया कि कंटेनर तेज गति में था साथ ही गड्ढे की वजह से बोलेरो भी अनियंत्रित हो गई थी।
रात करीब आठ बजे भुलई का पूरा गांव के आसपास तमाम लोग चाय-पान की दुकानों पर चुनावी चर्चा में मशगूल थे। तभी फूलपुर की तरफ से खाली कंटेनर आया और अगले ही पल शहर की तरफ से आ रही बोलेरो में पूरी रफ्तार से टकरा गया। बोलेरो पूरी तरह तबाह हो गई। कंटेनर बाइक सवार एलआईसी एजेंट दिनेश तिवारी को भी चपेट में लेने के बाद पेड़ से टकराकर पलट गया। बाइक में आग लग गई। यह कुछ सेकंड में इतनी तेजी से हुआ कि लोग कुछ देर स्तब्ध खडे रहे। फिर शोर मचा तो भीड़ जुटने लगी। लोग भागकर कंटनेर की तरफ गए। पहले तो लोगों को कुछ नहीं सूझा तो पलटे कंटेनर पर ही ईंट-पत्थर चलाने लगे जबकि उसका ड्राइवर भाग गया था। घायल खलासी उसके भीतर फंसा था। पुलिस पहुंची तो पहले तो उग्र भीड़ देख कुछ दूर ही रुक गई। फिर किसी तरह लोगों को शांत कराकर पुलिस ने राहत कार्य शुरू किया। इस बीच सड़क पर कंटेनर पलटने और भीड की वजह से इलाहाबाद-जौनपुर मार्ग पर दोनों तरफ जाम लग गया।
इस दुर्घटना में बोलेरो चालक गुड्डू यादव (24) ने भुलई का पूरा में ठीक अपने घर के सामने जान गंवाई। हादसा उसके घर के एकदम सामने हुआ। वहीं उसके पिता अम्बिका प्रसाद यादव चाय-नाश्ता की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बोलेरो को देखा तो सन्न रह गए। फिर घर से उनकी पत्नी सुमित्रा, बेटे और बहू भागकर वहां पहुंच गए। सब रोने-कलपने लगे। गुड्डू तीन भाइयों में मंझला था। बड़ा भाई राजेश और छोटा छंगू है। उसकी पत्नी सुनीता साल भर के बेटे को सीने से चिपकाए रोने-चीखने लगी तो गांव की महिलाएं उसे संभालने की कोशिश करने लगी। बताया गया कि गुड्डू कनौजा गांव के धमेंद्र की बोलेरो चलाता था। पुलिस ने परिजनों से कहा कि गुड्डू घायल है। एंबुलेंस में उसके साथ पिता और भाई भी अस्पताल को रवाना हुए हालांकि रास्ते में ही गुड्डू की सांस थम गई थी।
फुलपुर पुलिस ने हादसे का शिकार हुए एलआईसी एजेंट दिनेश तिवारी के पास मिले कागजात के सहारे जौनपुर में मुंगराबादशाहपुर के शाहापुर गांव में उनके घर में खबर दी तो हाहाकार मच गया। वह बीमा कंपनी का काम निपटाने के बाद घर लौट रहे थे तभी यह अनहोनी हो गई। फोन से दुर्घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सिविल लाइंस डीपी तिवारी भी शहर से घटनास्थल पर पहुंच गए। दिनेश उनके सगे साले और अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। घटना के वक्त आसपास मौजूद रहे लोगों ने पुलिस को बताया कि कंटेनर की टक्कर लगने पर दिनेश बाइक से काफी ऊपर उछले। वह सड़क पर गिरे तो कंटेनर उन्हें रौंदते हुए आग बढ़कर पेड़ से टकरा गया। पुलिस के पहुंचने तक में बाइक भी काफी हद तक जल गई थी। जौनपुर से दिनेश के परिजन भी रोते-बिलखते आ गए।
जौनपुर में शाहगंज निवासी सहायक अध्यापक वीरेंद्र कुमार के परिवार के लोग बृहस्पतिवार रात इलाज के बाद उनके घर आने का इंतजार कर रहे थे। पैर टूटने के कारण अस्पताल में भर्ती वीरेंद्र डिस्चार्ज किए जाने पर बोलेरो में ममेरे और चचेरे भी के साथ घर लौट रहे थे मगर रास्ते में उन पर मौत टूट पड़ी। दोनों भाई भी गंभीर घायल हो गए पुलिस से खबर पाकर परिवार के लोग बदहवासी में मौके पर पहुंचे। घायल भाइयों को एसआरएन से निजी अस्पताल ले जाया गया।