बेहद शातिराना अंदाज में पत्नी का कत्ल कराने वाले पति को पुलिस ने छह घंटे के अंदर ही धर दबोचा। करेली के बेनीगंज मोहल्ले में शुक्रवार आधी रात एक महिला का कत्ल हो गया। कत्ल के बाद पति ने अपने बेटों को जगाकर बताया कि लुटेरों ने उनकी मां का कत्ल कर दिया और उसे घायल कर फरार हो गए। आधी रात कत्ल की सूचना मिलने पर करेली पुलिस के साथ ही एसएसपी शलभ माथुर, एसपी सिटी विपिन टाडा, सीओ और आसपास के इंस्पेक्टर मौके पर पहुंच गए।
बेनीगंज में चाय की दुकान चलाने वाले लवकुश केसरवानी की पत्नी मोनिका केसरवानी (33) की चापड़ से काटकर कर हत्या कर दी गई। कत्ल के बाद आरोपी फरार हो गए। पत्नी के हत्या के बाद लवकुश ने घर में पीछे के कमरे सो रहे दोनों बेटों को जगाकर बताया कि लुटेरों ने उनकी मां को मार डाला है। घटना की बाबत पड़ोसियों से मिली जानकारी के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को प्रथम दृष्ट्या मामला संदिग्ध लगा।
जांच और लवकुश से पूछताछ के बाद पुलिस को शक हुआ कि लूट के लिए हत्या नहीं है। पुलिस का शक लवकुश पर मंडराने लगा। यह बात किसी के गले नहीं उतर रही थी कि लुटेरे पत्नी का कत्ल कर दें और पति को मामूली चोट आए। पुलिस ने सख्ती की तो लवकुश जख्मी होने का नाटक करने लगा और कॉल्विन अस्पताल में भर्ती हो गया। दोनों बेटों से पुलिस ने पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि पिता के उठाने पर जगे तो मां का खून से लथपथ शव पड़ा था। आसपास के लोगों से पूछताछ में पुलिस को पति-पत्नी के बीच झगड़े की बात पता चली तो लवकुश से दोबारा पूछताछ शुरू की। कड़ाई से पूछताछ में वह कुछ देर में टूट गया और पत्नी के कत्ल की साजिश में शामिल होने की बात कुबूल ली। उसने बताया कि पत्नी उसे परिवार वालों से दूर करना चाहती थी।
मोनिका उसकी उपेक्षा करती थी जिससे वह उस पर शक करता था। लवकुश ने बताया कि एक हफ्ते पहले उसके पिता बाबू केसरवानी बीमार हुए तो उसने मोनिका को अस्पताल में चलकर देखने के लिए कहा लेकिन वह तैयार नहीं हुई। अलबत्ता झगड़ा किया था। तभी उसने ठान लिया था कि पत्नी को रास्ते से हटा देगा। वरना वह बेटों को भी परिवार से अलग कर देगी। लवकुश पत्नी के कत्ल की साजिश रचने लगा। इसके लिए इस साजिश में उसने अतरसुइया के मालवीय नगर में चाय की दुकान चलाने वाले अपने दोस्त गप्पू यादव को शामिल किया। गप्पू अपराधी किस्म का है। वह जेल जा चुका है। जिसके चलते मोहल्ले में उसका दबदबा है।
लवकुश ने गप्पू से कहा कि उसने एक युवक को डेढ़ लाख रुपये उधार दिए हैं। वह उसे रकम वापस नहीं कर रहा है। तुम वह रकम वापस वसूल सकते हो। तुमसे डरकर वह रकम वापस कर देगा। बस इसके बदले एक काम करना होगा। लवकुश ने गप्पू को पत्नी मोनिका के कत्ल की साजिश में शामिल कर लिया। गप्पू ने इसके लिए अपने दोस्त रवि केसरवानी निवासी कल्याणी देवी अतरसुइया को शामिल कर लिया।
घने कोहरे वाली रात में वारदात को अंजाम देने की बात तय हुई थी। शुक्रवार रात घना कोहरा छाया तो लवकुश गप्पू की दुकान पर पहुंचा। तब गप्पू ने कहा कि वह आधी रात में आएगा। तय हुआ कि हत्या के बाद कत्ल को लूट का रूप देना है। साथ ही मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करना है। ताकि पुलिस उन तक न पहुंचे। साजिश के तहत शुक्रवार रात लगभग साढ़े 12 बजे गप्पू रवि के साथ लवकुश के घर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया। लवकुश ने साजिश के तहत मोनिका को दरवाजा खोलने के लिए भेजा। दरवाजा खुलते ही गप्पू और रवि ने मोनिका को दबोच लिया और मुंह दबाकर चापड़ से ताबड़तोड़ वार करने लगे।
मोनिका लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद भी हमलावरों ने कई वार किए। कत्ल के बाद घर का सामान इधर-उधर बिखेरने के बाद हमलावर भाग निकले। लवकुश ने अपना मोबाइल छत से घर के पीछे झाड़ी में फेंक दिया। इसके बाद बच्चों को जगाया और बताया कि लुटेरों ने उनकी मां का कत्ल कर दिया और उसका यह हाल किया। बेटों गौरव और सौरव से कहा कि मामा राजकुमार को फोन कर मां के कत्ल की जानकारी दी। लवकुश के घर में मचे कोहराम को सुनकर पड़ोसी पहुंचे तो पुलिस कंट्रोल रूम को पड़ोसी के मोबाइल से सूचना दी।
लवकुश और मोनिका की शादी 2002 में हुई थी। शादी के बाद उनके दो बच्चे गौरव (13) और सौरव (11) हुए। लवकुश का एक मकान कोतवाली के खोवा मंडी इलाके में है। जहां उसके माता-पिता और भाई रहते हैं। वहीं पर लवकुश की अपनी चाय-नाश्ते की दुकान है। दुकान से उसे अच्छी कमाई होती है। लेकिन वह पत्नी के साथ पहले अतरसुइया में किराए पर रहता था। फिर बेनीगंज स्थित अपने घर में आकर पत्नी और बच्चों संग रहने लगा। लवकुश मां-बाप के साथ रहना चाहता था। जबकि मोनिका लवकुश के परिवार के लोगों को नहीं पसंद करती थी। इसे लेकर अक्सर झगड़ा होता था। यही तकरार मोनिका के कत्ल की वजह बनकर सामने आई। मां के कत्ल से दोनों बच्चों गौरव और सौरव का रो-रोकर बुरा हाल है। वे पिता की करतूत से सहमे हुए हैं। अब वे बेसहारा हो गए।