इलाहाबाद। पंचायत चुनाव के दौरान गुंडागर्दी की खतिर नाजायज असलहों की तस्करी बढ़ गई है। एसटीएफ ने अवैध असलहों की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार कर छह पिस्टल और एक तमंचा समेत तमाम कारतूस बरामद किए हैं। यह गिरोह भी मध्य प्रदेश में खंडवा के उसी व्यक्ति से असलहे लाकर बेचता रहा जिससे असलहों की तस्करी में पिछले दिनों मुट्ठीगंज में दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था।
सर्विलांस और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर स्पेशल टास्क फोर्स के उपनिरीक्षक श्रीनिवास यादव ने बुधवार शाम सीएवी कॉलेज के निकट गोबर गली तिराहे के पास घेराबंदी कर ली। कुछ देर बाद मेडिकल चौराहा की तरफ से आए टेंपो से उतरकर एक व्यक्ति तिराहे के पास सड़क किनारे खड़ा हो गया उसके हाथ में बैग था। कुछ ही पल में हनुमान मंदिर की तरफ से अलग बाइक पर दो लोग आकर उसके पास रुक गए। इतने में मुखबिर के इशारे पर एसटीएफ टीम ने उन तीनों को घेरा तो वे भागने लगे। किसी तरह तीनों को पकड़ लिया गया। टेंपो से उतरने वाले व्यक्ति का बैग खोलकर तलाशी ली गई तो उसमें प्वाइंट 32 बोर की छह पिस्टल, छह मैगजीन, 315 बोर का तमंचा, तीन कारतूस, दो बाइक, चार मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड और खंडवा से छिवंकी जंक्शन इलाहाबाद का 29 सितंबर की ट्रेन का टिकट मिला। पकड़े गए तीनों लोगों को कोतवाली ले जाया गया।
वहां पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार लोगों में तेलियरगंज शिवकुटी का मोहित कुमार भारतीय, सलेमपुर फतूहा उतरांव का अरुण भाष्कर, शंकरघाट शिवकुटी इलाके का सौरभ यादव उर्फ बऊआ है। एसटीएफ के डीएसपी प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि वह पिछले दो साल से सरायइनायत में रामपुर डिहवा गांव के असलम के साथ असलहों की तस्करी में लिप्त है। अब तक करीब दो सौ नाजायज असलहे खंडवा के पास बड़वानी से लाकर बेच चुका है। पंचायत चुनाव के दौरान दबदबा बनाने के प्रत्याशी और उनके समर्थकों की तरफ से हथियारों की डिमांड बढ़ी है। इस बार वह अकेले ही खंडवा से पिस्टल लाने गया था।
वहां जगत उर्फ भाई उसे असलहे देता है। हथियार देने से पहले वह अपने खाते में पैसे जमा करा लेता है। पकड़े गए लोगों में मोहित और सौरभ ने बताया कि वे अरुण और असलम से असलहे लेकर शिवकुटी इलाके के दीपू के जरिए बिकवाते हैं। मोहित के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे हैँ। जुलाई 2014 में सिविल लाइंस में कान्हा मोटर्स के कर्मचारियों को गोली मारकर 34 लाख रुपये लूटने की कोशिश की थी। मगर फायरिंग में खुद उसके हाथ में गोली लगने से वारदात नाकाम रही। असलहा तस्करों की गिरफ्तारी में श्रीनिवास यादव, अजय सिंह, केशवचंद्र राय, अतुल कुमार सिंह, कांस्टेबल विजय, प्रभंजन पाडेय, प्रवीण जायसवाल, दिलीप त्रिपाठी, दिलीप सिंह शामिल रहे।