चंदौहा के बब्बू ने अपने बेटे धर्मेंद्र का शव कुवैत से मंगाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई है। उनके बेटे की कुवैत में मौत हो गई, शव वाने के लिए परिवार के पैसा नहीं है। वहां के शेख ने भी शव भारत भेजने के लिए आर्थिक मदद करने से इंकार कर दिया है।
बब्बू के दो पुत्रों में छोटा बेटा 24 वर्षीय धमेंद्र नौ महीने पहले पड़ोसी छेदी के जरिए कुवैत गया था। उन दिनों पिता ने सोचा था कि उसे मोटी तनख्वाह मिलेगी, जिससे परिवार की गरीबी दूर हो सकेगी। दो बेटियों का ब्याह भी हो जाएगा। कुवैत में उसे हाउस ब्वाय के बजाए बकरियां चराने के काम पर लगा दिया गया। इधर कुछ दिनों से धमेंद्र की तबीयत खराब हो गई थी।
शेख ने उसे आराम नहीं करने दिया और न इलाज कराया। यह जानकारी धमेंद्र ने फोन पर कुवैत में अपने मददगार छेदी को फोन पर बताई । शुक्रवार को शेख ने छेदी को फोन किया और कहा कि धमेंद्र की मौत हो गई है। शव अस्पताल में रखा है। ले जाने की व्यवस्था कर लो। यह खबर शनिवार रात यहां धमेंद्र के घर पहुंची तो हाहाकार मच गया। उसके माता-पिता के साथ भाई राजेंद्र, बहनें गुड़िया तथा खुशबू रोने- बिलखने लगीं। अब बूढ़े मां-बाप नौ माह से दूर बेटे का चेहरा आखिरी बार देखने को व्याकुल हैं। उन्होंने छेदी से फोन पर बात की तो उसने सलाह दी कि वे दिल्ली में विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाएं तभी शायद कुवैत से शव भेजा जा सकेगा।