मुंबई-इलाहाबाद रेलमार्ग के मानिकपुर जंक्शन के निकट पनहाई स्टेशन के आउटर पर रविवार की देर रात गंगा-कावेरी एक्सप्रेस में पड़ी डकैती के मामले में यूं तो आधा दर्जन स्लीपर कोचों के यात्रियों को लूटा गया। लेकिन जब इलाहाबाद जीआरपी में मात्र 11 यात्रियों द्वारा ही लूट का ब्यौरा दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चाकू और तमंचे से लैस 15-16 बदमाश क्या महज 11 यात्रियों को ही लूटने के लिए आए थे। उधर इलाहाबाद जीआरपी ने भी आनन फानन में मुकदमा दर्ज करने के बाद उसकी जांच मानिकपुर जीआरपी को सौंप दी है।
पनहाई स्टेशन से आगे बीती रात 1.30 बजे के आसपास बदमाशों ने लूटपाट शुरू की। उनके निशाने पर मुख्य रूप से महिलाएं ही रही। बदमाश इस बात से भी वाकिफ थे कि दक्षिण भारत में रहने वाले लोग आभूषण ज्यादा पहनते हैं। शायद इसी वजह से एस्र-5 एस-6, एस-7, एस-9 कोच में सो रही महिलाओं को भी जबरन उठाया गया। उनके मंगलसूत्र, अंगूठी, सोने की चेन, कंगन आदि लूट लिए गए। एस-5 कोच में सफर कर रहे बक्सर बिहार के हरीसागर पासवान ने बताया कि बदमाशों ने अपर बर्थ में सो रहे यात्रियों को भले ही छोड़ दिया हो लेकिन लोवर बर्थ, साउड लोवर, साइड अपर बर्थ के तमाम यात्रियों से उन्होंने नगदी लूट ली।
जिसने भी देने से मना किया उसकी पिटाई भी उन्होंने खूब की। हरीसागर के मुताबिक उसके पास से बदमाशों ने छह हजार रुपये नगद लूटे। इस दौरान कोच की तमाम महिलाओं के चेन, अंगूठी, कंगन आदि उन्होंने उतरवा लिए। उधर ट्रेन रात 3.15 बजे घटना स्थल से चली तो सुबह 5.25 बजे इलाहाबाद पहुंची। इस दौरान कंट्रोल रूम में भी इसकी सूचना दे दी गई। ट्रेन जंक्शन पहुंची तो सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित, डीसीएम अमन वर्मा, सीनियर डीएससी अमरेश कुमार, एसीएम पंकज त्रिपाठी, स्टेशन मैनेजर राजाराम राजपूत आदि अफसर मौके पर पहुंच गए। तमाम यात्रियों का जंक्शन पर ही प्राथमिक उपचार करवाया गया। यहां चाय नाश्ता भी उन्हें उपलब्ध करवाया गया।