इलाहाबाद। शहर के चक निरातुल इलाके से सोमवार दोपहर कक्षा चार के छात्र आदित्य सिंह का अपहरण हो गया। खेलते समय लापता हुए इस छात्र को परिजनों ने रात भर खोजा लेकिन कुछ पता नहीं चला। मंगलवार सुबह उसके पिता को अपहर्ताओं ने फोन कर पैसों का इंतजाम करने के लिए कहा। इसके बाद दोपहर और रात में फोनकर तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी गई तो परिवार के लोग परेशान हो गए। खुल्दाबाद थाने की पुलिस को फिरौती की मांग के बारे में बताने के बाद रात में एसएसपी कैंप कार्यालय जाकर शिकायत की गई तो क्राइम ब्रांच ने भी मामले की जांच शुरू कर दी।
चौफटका के पास चक निरातुल मुहल्ले में रहने वाले मान सिंह एक फर्म में नौकरी करते हैं। बमुश्किल छह हजार रुपये वेतन मिलता है। परिवार में पत्नी ममता, इकलौता पुत्र आदित्य और दो बेटियां हैं। 10 साल का आदित्य सिविल लाइंस स्थित ज्वाला देवी इंटर कॉलेज में चौथी कक्षा का छात्र है। वह सोमवार दोपहर करीब तीन बजे घर के पास मुहल्ले में खेलने गया था। जब वह देर तक नहीं लौटा तो मां ममता ने खोजबीन की मगर वह नहीं मिला। फिर पिता मान सिंह ने भी आसपास के इलाके में तलाश की।
कुछ पता नहीं चला तो सोमवार रात ही खुल्दाबाद थाने में सूचना दी। पुलिस ने भी खोजबीन शुरू की। इसी बीच मंगलवार सुबह दस बजे मान सिंह के नंबर पर फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि तुम्हारा बेटा हमारे पास है। पैसों को इंतजाम कर लो। एक घंटे बाद बताया जाएगा कि कितने पैसे देने हैं। इतना कहकर फोन कट गया। फिर दोपहर एक बजे दूसरे नंबर से फोनकर मान सिंह से कहा गया कि बेटे की सलामत वापसी चाहते हो तो तीस लाख रुपये फिरौती की व्यवस्था कर लो। पैसा कहां देना है? इस बारे में बाद में बताया जाएगा। घबराए पिता ने इस बारे में खुल्दाबाद थाना प्रभारी समीर सिंह को सूचना दी।
इसके बाद रात लगभग आठ बजे फिर अनजान नंबर से मान सिंह को फोनकर तीस लाख रुपये फिरौती की मांग की। इसके बाद परिवार के लोगों ने एसएसपी से मिलकर शिकायत का फैसला किया। मान सिंह का कहना है कि उनकी हैसियत तो एक लाख रुपये भी देने की नहीं फिर तीस लाख रुपये फिरौती की मांग किया जाना पुलिस भी नहीं समझ पा रही। इकलौते बेटे के अपहरण से पिता मान सिंह और मां ममता बेहद सहमे और घबराए हैं। मां तो सोमवार रात से ही लगातार रोती जा रही हैं।
इस बारे में जानकारी पाकर कई रिश्तेदार और परिचित भी मान सिंह के घर पहुंच गए। मुहल्ले-रिश्ते की महिलाएं मां ममता को दिलासा देती रहीं। उधर, पुलिस परिवार के लोगों को भरोसा देती रही कि इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के जरिए अपहर्ताओं को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।