मऊआइमा इलाके में बृहस्पतिवार सुुबह छोटे भाई और सहेली के साथ एक ही बाइक पर स्कूल जा रही ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। वे तीनों सड़क किनारे थे तभी ट्रक ने टक्कर मारी और छात्रा को कुचल दिया। ड्राइवर तो भाग गया मगर गुस्साए लोगों ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया। मुआवजा और गिरफ्तारी की मांग करते हुए चार घंटे तक चक्काजाम भी किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बेहद समझाने और मनाने पर गांव वाले हटे तो पुलिस ने शव को पोस्टमर्टम के लिए भेजकर स्थिति संभाली।
बाकराबाद मऊआइमा निवासी मोहनलाल सरोज के तीन बेटों और चार बेटियों में तीसरे नंबर की मीरा (16) चक श्याम गांव स्थित आदर्श ग्राम इंटर कॉलेज में ग्यारहवीं की छात्रा थी। बृहस्पतिवार सुबह करीब पौने दस बजे वह छमाही परीक्षा देने के लिए छोटे भाई मान सिंह के साथ बाइक पर स्कूल के लिए रवाना हुई। कुछ ही आगे जाने पर उसे अपनी ही स्कूल की सहेली मिली तो उसे भी बाइक पर साथ ले लिया। वे तीनों चक श्याम गांव के पास पहुंचे तभी सामने से ट्रक आता दिखा। मान सिंह ने बाइक किनारे रोक ली मगर ट्रक ने धक्का मार दिया।
मीरा सड़क पर गिरकर ट्रक के पहिए के नीचे आ गई। जबकि उसकी सहेली और भाई मान सिंह दूसरी तरफ गिरने से साफ बच गए। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक से उतरकर भाग गया। गांववाले भागकर वहां आए मगर मीरा की मौत हो चुकी थी। उसके परिवार के लोग रोते-कलपते आ गए। घटना से भड़के ग्रामीणों ने बालू लदे ट्रक को आग के हवाले कर दिया। ट्रक धू-धूकर जलने लगा तो खबर पाकर मऊआइमा एसओ रामाशीष उपाध्याय पहुंचे लेकिन गांववाले उग्र थे। ऐसे में सीओ फूलपुर अल्का धर्मराज, सीओ सोरांव लालप्रताप सिंह, एसडीएम आलोक वर्मा पांच थानों की पुलिस बल के साथ आ गए। इतनी देर में लोगों ने वहां जाम लगा दिया था। उन्होंने ट्रक ड्राइवर की गिरफ्तारी और मीरा के परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग रख दी। करीब चार घंटे बाद एडीएम और सीओ ने लेखपाल से रिपोर्ट तैयार कराकर मुआवजा दिलाने और फरार ट्रक ड्राइवर की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देकर लोगों को मनाया। इस मामले में दो केस लिखे गए हैं। एक मुकदमा फरार ड्राइवर और दूसरा केस पुलिस की ओर गांववालों के खिलाफ दर्ज किया गया है।