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तीमारदारों को कमरे में बंद कर पीटा, मरीज को भगाया

Tue, 04 Jul 2017 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
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एसआरएन अस्पताल में भर्ती मरीज को दूसरी ड्रिप लगाने को लेकर जूनियर डॉक्टर और मरीजों के बीच जमकर हंगामा हो गया। जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदारों को कमरे में ले जाकर जमकर पीटा। मरीज की ड्रिप निकाल दी गई और इमरजेंसी वार्ड से बाहर कर दिया। पीड़ित तीमारदारों के फोन पर 100 सेवा और कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने भी डॉक्टरों का पक्ष लेते हुए पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया। दूसरी ओर इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य एसपी सिंह ने पूरी घटना की जांच के आदेश कर दिए हैं।
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मुंबई निवासी अदनान शेख (22) पिछले सप्ताह नैनी में अपनी ननिहाल आया हुआ था। सोमवार सुबह अचानक उसे दिमागी बुखार से पीड़ित होने के कारण उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। शाम करीब चार बजे एक ड्रिप खत्म होने के बाद दूसरी ड्रिप लगाने के लिए अदनान के तीमारदार जूनियर डॉक्टर के पास गए। उसी समय अदनान के भांजे इमरान का डॉक्टरों से विवाद हो गया। वहां और डॉक्टर भी आ गए। कुछ ही देर में इमरान के परिजनों में इशरत और फरीदा बेगम भी पहुंच गईं। डॉक्टरों ने पास के कमरे में ले जाकर इमरान को पीटना शुरू किया। इशरत और उनकी मां फरीदा बेगम ने बचाने का प्रयास किया। आरोप है कि डॉक्टरों ने सभी को जमकर पीटा। इस घटना के बाद डॉक्टरों ने मरीज अदनान की ड्रिप हटा दी और उसे वार्ड से बाहर कर दिया। इमरजेेंसी के बाहर मरीज अदनान और तीमारदारों की सूचना पर 100 सेवा और कोतवाली पुलिस पहुंच गई। पुलिस को तीमारदारों ने डॉक्टरों के उत्पीड़न की दास्तान सुनाई लेकिन उनकी नहीं सुनी। उल्टे इमरान को कोतवाली ले आई और शांति भंग के आरोप में जेल भेज दिया।

अस्पताल के अधीक्षक करुणाकर द्विवेदी ने बताया कि घटना की जानकारी पर वह इमरजेंसी गए थे। उस समय डॉक्टर और तीमारदारों को समझाकर चले आए थे। बाद में पता चला कि मारपीट की घटना हो गई। पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्राचार्य को दे दी गई है। दूसरी ओर प्राचार्य डा. एसपी सिंह ने बताया कि घटना गंभीर है। इसीलिए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश कर दिए हैं। मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष सरिता बजाज से कहा है कि वह एक सप्ताह में जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिसके आधार पर दोषी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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