रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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सपा विधायक विजमा यादव के भांजे धीरू यादव समेत तीन लोगों को बुधवार दोपहर गोविंदपुर इलाके में गुंडागर्दी करने पर शिवकुटी पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने वहां इनोवा और सफारी गाड़ी भी जब्त कर ली। पकड़े गए लोगों में एक युवक के कब्जे से अवैध पिस्टल मिली। पता चला है कि गाड़ियों में कई अवैध असलहे थे मगर पुलिस ने दबाव में गोलमोल कर दिया। जब्त इनोवा गाड़ी विधायक के नाम थी। ऐसे में खुद विधायक विजमा थाने पहुंची और कई घंटे तक वहां मौजूद रहीं। पुलिस ने दबाव में दोनों गाड़ियां और उनके भांजे को थाने से छोड़ दिया। पुलिस ने ठेकेदार समेत दो लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही है, लेकिन सच तो यह है कि वे दोनों भी थाने में दिखे नहीं, जबकि केस लिखा गया है।
पुलिस के मुताबिक, गोविंदपुर में रहने वाले फिरोज और इश्तियाक के बीच सीसीटीवी कैमरे लगाने की वजह से विवाद बना है। फिरोज ने खुद पर खतरे की वजह से अपने घर और करीबी धर्मस्थल पर भी कैमरे लगवाएं हैं। इश्तियाक की आपत्ति है कि इन कैमरों की वजह से उनके परिवार की निजता प्रभावित हो रही है। शिकायत पर शिवकुटी पुलिस ने मौके पर जाकर धर्मस्थल से कैमरे हटवा दिए। फिरोज ने इस बाबत इलाहाबाद में प्रतापपुर क्षेत्र की सपा विधायक विजमा यादव के करीबियों से मदद मांगी। बुधवार दोपहर विधायक विजमा का भांजा धीरू यादव अपने साथी ठेकेदार राजेश सिंह और गौरव त्रिपाठी के साथ फिरोज के घर पहुंच गया। धीरू इनोवा में गया था जबकि राजेश सफारी से था।
वे फिरोज का साथ देते हुए जबरन सीसीटीवी कैमरे लगाने लगे तो इश्तियाक के पक्ष से झड़प होने लगी। खबर मिली तो शिवकुटी थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। वहां पुलिस को भी विधायक के लोगों ने धमकाया और जाने को कहा। पुलिस ने दोनों गाड़ी के साथ ही राजेश सिंह, गौरव त्रिपाठी तथा धीरू यादव को हिरासत में ले लिया। गौरव के कब्जे से पुलिस को अवैध पिस्टल मिली। चर्चा है कि सफारी में दो और अवैध असलहे थे लेकिन पुलिस ने इस बात से इनकार किया है। भांजे समेत तीन लोगों के पकड़े जाने की खबर पाकर करीब चार बजे खुद सपा विधायक विजमा यादव तमाम समर्थकों के साथ शिवकुटी थाने जा पहुंचीं। उनसे बात करने के लिए खुल्दाबाद इंस्पेक्टर कुशलपाल यादव को बुलाया गया। कमरे में विधायक और इंस्पेक्टर के बीच बातचीत होती रही। आखिरकार पुलिस ने दोनों गाड़ियां और विधायक के भांजे धीरू को छोड़ दिया।
थानाध्यक्ष विजय प्रताप के अनुसार, गाड़ियों का चालान किया गया है। अवैध पिस्टल बरामदगी में गौरव त्रिपाठी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम का केस लिखा गया है। राजेश सिंह को भी धमकाने में बंद किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि विधायक के भांजे धीरू को क्यों रिहा किया गया जबकि वह भी अवैध पिस्टलधारी गौरव के साथ था? धीरू यादव कटरा में नूर मियां गली, राजेश सिंह अशोक नगर कैंट तथा गौरव त्रिपाठी गंगानगर राजापुर का रहने वाला है।
‘गोविंदपुर में मेरे कुछ करीबियों और दूसरी पार्टी के लोगों के बीच झगड़ा हो गया था। मैं बड़ा कि तू बड़ा वाली बात थी बस। पुलिस ने दोनों पार्टियों के बीच समझौता करा दिया। बाकी मैं ज्यादा नहीं जानती। मेरे आदमी थे इसलिए मैं भी शिवकुटी थाने गई थी।’
-विजमा यादव, सपा विधायक प्रतापपुर