एक दिन पहले हुए सड़क हादसे में मृत नगर निगम इंजीनियर का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। बेटे-बेटियों के साथ ही पत्नी भी शव से लिपटकर बिखलते रहीं। उधर उनका चीत्कार देख मोहल्ले के लोगों की भी आंखें नम हो गईं। शाम को रसूलाबाद घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मोहल्ले के लोग और नगर निगम कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।
जार्जटाउन के अल्लापुर में पूरा दलेल मोहल्ले में रहने वाले त्रियुगी नारायण त्रिपाठी (58) पुत्र मुरलीधर त्रिपाठी नगर निगम के जनकार्य विभाग में इंजीनियर के पद पर तैनात थे। छोटी बेटी वर्षा को दिल्ली जाना था ऐसे में बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह कार से उसे छोड़ने स्टेशन जा रहे थे। इसी दौरान चंद्रशेखर आजाद पार्क के मुख्य गेट के सामने कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई जिसमें वह जख्मी हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में बेटी वर्षा को भी चोटें आईं थी जिसे उपचार के बाद घर भेज दिया गया था।
शुक्रवार सुबह बंगलूरू से बेटा उत्कर्ष और दिल्ली से बेटी रितु भी घर पहुंच गए। इसके बाद रिश्तेदारों के साथ उत्कर्ष पोस्टमार्टम हाउस गए। वहां बड़ी संख्या में इंजीनियर के साथ काम करने वाले नगर निगम कर्मचारी व अफसर भी पहुंचे। कुछ देर बाद महापौर अभिलाषा गुप्ता व अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास ने भी पहुंचकर मृत इंजीनियर के परिजनों को ढांढस बंधाया। दोपहर में साढ़े तीन बजे के करीब पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर पहुंचे तो वहां कोहराम मच गया। पत्नी अनुपमा व बेटियां रितु व वर्षा फूटकर रोेने लगीं। अनुपमा तो रोते-रोते बदहवास सी हो जा रही थीं। उधर पिता के शव को देखकर बेटा उत्कर्ष भी अपने आंसू नहीं रोक सका। घरवालों का चीत्कार देख मोहल्ले वालों की भी आंखें नम हो गईं। शाम को रसूलाबाद घाट पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जहां बड़ी संख्या में मोहल्ले के लोगों के साथ ही रिश्तेदार व नगर निगम से जुड़े लोग मौजूद रहे। इनमें एमएलसी सुरेश त्रिपाठी, नगर आयुक्त अविनाश सिंह, जोनल अधिकारी मुन्नालाल राम, रवींद्र सिंह, नीरज सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा, पार्षद कमलेश सिंह, आनंद घिल्डियाल, परमजीत सिंह, पूर्व पार्षद शिवसेवक सिंह, शिवा त्रिपाठी, पुल्कित यादव, पंकज सूरी, राजेंद्र पालीवाल, पंकज, नागेंद्र सिंह समेत अन्य तमाम लोग मौजूद रहे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि इंजीनियर की मौत लीवर फटने की वजह से हुई। हादसे के कारण पसलियां टूट गई थीं, साथ ही लीवर भी फट गया था। इसके अलावा फेफड़े में भी चोट पहुंची थी। पुलिस का मानना है कि पसलियां टूटने का कारण स्टीयरिंग व्हील की सीने में जोरदार टक्कर रही होगी।