मुन्ना बजरंगी गिरोह का शार्प शूटर गिरफ्तार
इलाहाबाद। स्पेशल टॉस्क फोर्स की इलाहाबाद यूनिट ने माफिया सरगना मुन्ना बजरंगी के शूटर पचास हजार रुपये के इनामी धमेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू को गिरफ्तार कर हॉस्टल मालिक के कत्ल की वारदात टालने में कामयाबी हासिल की है। डीपीएस स्कूल के पास घेराबंदी के दौरान शूटर का एक साथी एसटीएफ टीम पर फायरिंग करते भाग गया। पुलिस ने शूटर के कब्जे से कार, दो विदेशी पिस्टल, कई कारतूस और नगदी बरामद की है।
एसटीएफ इलाहाबाद फील्ड यूनिट के उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह को मंगलवार भोर में मुखबिर से सूचना मिली कि मुन्ना बजरंगी गैंग का शार्प शूटर 50 हजार का ईनामी धमेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रिंकू उर्फ सतीश उर्फ विकास सिंह एक बदमाश के साथ सफेद रंग की आई-10 कार से अरैल से सड़वा की तरफ जा रहा है। डिप्टी एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने टीम के साथ भोर में पांच बजे डीपीएस स्कूल के पास घेराबंदी कर ली। तभी आई-10 कार उधर पहुंची तो एसटीएफ टीम ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन उसमें बैठा शूटर धमेंद्र उर्फ रिंकू और उसका साथी उतरकर फायरिंग करते हुए भागने लगा। शूटर रिंकू सिंह को एसटीएफ ने किसी तरह घेरकर पकड़ लिया जबकि दूसरा अपराधी फरार हो गया। एसटीएफ ने कार कब्जे में ले ली। रिंकू की तलाशी जापान और अमेरिका निर्मित दो पिस्टल, दस कारतूस, चार कारतूसों के खोखे और 12 सौ रुपये नगद मिला। शूटर रिंकू को औद्योगिक क्षेत्र थाने ले जाकर पूछताछ की गई। उसके खिलाफ एसटीएफ दस्ते पर फायरिंग कर जानलेवा हमले का केस लिखा गया।
बजरंगी के नाम पर की रंगदारी उगाही
शूटर धमेंद्र सिंह उर्फ रिंकू सोरांव इलाके में मोरहू गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह 2008 से झांसी जेल में बंद माफिया सरगना मुन्ना बजरंगी गिरोह में शामिल है। वह कई बार उससे मिलने गया। अक्तूबर 2009 में उसने सिंटू सिंह और बच्चा यादव के साथ मिलकर सोरांव इलाके में एक फर्म के मुनीम की हत्या कर नौ लाख रुपये लूट लिए थे। इसके अलावा, पीडब्लूडी का ठेका दिलाने का कमीशन नहीं देने पर सोनभद्र के अहरौरा में हुए शूटआऊट में तीन लोग मारे गए थे जबकि वह फरार हो गया था। हाल ही में उसने औद्योगिक क्षेत्र इलाके में एक हॉस्टल के मालिक के कत्ल की सुपारी ली थी। मंगलवार भोर में वह अपने शिकार की पहचान करने जा रहा था तभी एसटीएफ ने घेर लिया। रिंकू ने कुबूला कि वह मुन्ना बजरंगी के नाम पर रंगदारी उगाही और ठेके दिलाने का भी काम कर रहा था। बजरंगी क हिस्से की रकम वह उसके बताए जगह पर पहुंचा दिया करता था।