पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी की हत्या में तीसरे रोज भी कातिलों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। नामजद तीनों आरोपी फरार हैं। पुलिस ने कई जगह दबिश दी। ज्यादातर दुकानें मंगलवार को भी बंद रहीं। चौतरफा पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की मुस्तैदी के बीच शमी के घर पर रिश्तेदारों और नेताओं की आवाजाही लगी रही। गुस्साए लोगों और परिजनों ने मंगलवार शाम मऊआइमा थाने का घेराव किया और चेतावनी दी कि बुधवार शाम तक कातिल नहीं पकड़े गए तो वे सड़क पर उतर सकते हैं। इस बीच जांच कर रही पुलिस टीमों ने कई जगह छापेमारी कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर छोड़ दिया। इसी क्रम में सूबे के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मो. शमी के घर पर फोन कर परिजनों को सांत्वना दी और कहा कि कातिलों की गिरफ्तारी के लिए वे मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
रविवार रात हुए मोहम्मद शमी हत्याकांड ने पुलिस को उलझा दिया है। वह ढाबा पर भोजन के बाद घर के सामने फारच्यूनर से उतरे तभी दो-तीन बदमाशों ने करीब से आकर उन पर गोलियों की बौछार कर दी थी। बेटे इम्तियाज ने मौजूदा ब्लाक प्रमुख सुधीर मौर्या, जिला पंचायत सदस्य शिप्रा यादव के पति अभिषेक यादव तथा शमी के गांव दुबाही में रहने वाले जाबिर के खिलाफ कत्ल का केस लिखाया। इम्तियाज ने एफआईआर में लिखा है कि उसके सामने उन तीनों ने एक अज्ञात व्यक्ति के साथ आकर शमी पर फायरिंग की और भाग गए। पुलिस ने छापेमारी की लेकिन तीनों आरोपी फरार हैं। जांच के लिए गठित पुलिस टीमों ने नामजद आरोपियों के अलावा दूसरे पहलू पर भी छानबीन की लेकिन अभी कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। मंगलवार को भी मऊआइमा में सुल्तानपुर खास बाजार आंशिकरूप से बंद रहा। चौतरफा पुलिस, पीएसी, आरएएफ की टुकड़ियां गश्त करती रहीं। शमी के घर के बाहर फोर्स मुस्तैद रही। दोनों आरोपियो के घर पर पुलिस नजर रखे है।
तीसरे रोज भी कातिलों की गिरफ्तारी नहीं होने से गुस्साए परिजन और सैकड़ों स्थानीय लोगों ने मंगलवार शाम करीब पांच बजे मऊआइमा थाने का घेराव किया। शमी के पुत्र इम्तियाज, रिश्तेदार कमरूल, फारूख, प्रधान अब्दुल वाहिद उर्फ बचऊ, पूर्व प्रधान छेदी आदि ने थाने में मौजूद सीओ सोरांव आलोक शर्मा से कहा कि पुलिस ढिलाई बरत रही वरना अब तक कातिल पकड़े जाते। अगर बुधवार शाम तक गिरफ्तारी नहीं होती है तो फिर इलाके के लोग उग्र प्रदर्शन के लिए विवश हो जाएंगे। परिवार के लोगों ने थाना परिसर में आत्मदाह की भी चेतावनी दी। करीब सवा घंटे तक पुलिस के प्रति नाराजगी जताने के बाद लोग थाने से लौट गए।