कचहरी के पास स्थित एक स्कूल में छुट्टी के समय बहन को लेने गए एसडीएम के बेटे और भतीजे को गार्डों ने स्कूल में बंधक बनाकर लात-घूंसों से पीटा गया है। गार्डों से छूटने के बाद छात्र घर पहुंचे तो मां को पूरी घटना की जानकारी दी। मां ने मामले की शिकायत डीआईजी से किया और कर्नलगंज थाने में गार्डों के खिलाफ तहरीर दी।
मूलरूप से जौनपुर के रहने वाले प्रमोद कुमार देवरिया में एसडीएम हैं। म्योराबाद में उनकी पत्नी पूनम बच्चों के साथ रहती है। प्रमोद का बेटा पुरुराज बीएचएस में दसवीं का छात्र है और बेटी 12 वीं की छात्रा है। उनका भतीजा नवीन कुमार भी उनके ही साथ रहता है। शनिवार को पुरुराज की साढ़े 11 बजे छुट्टी हो गई तो वह चचेरे भाई नवीन को स्कूल से लेने के बाद बहन को लेने उसके स्कूल चला गया। दोनों स्कूल के बाहर खड़े थे। पूनम का आरोप है कि दोनों बच्चों को गेट पर खड़े गार्ड ने बुलाया और बाहर खड़े होने का कारण पूछा। फिर दोनों प्रिंसिपल के पास चलने को कहा। वे स्कूल के अंदर चले गए तो उन्हें प्रिंसिपल के पास न ले जाकर एक कमरे में ले गए।
आरोप है कि गार्डों ने दोनों को एक कमरे में बंद कर बुरी तरह लात-घूंसों से मारा पीटा। जमकर पीटने के बाद उन्हें गेट के बाहर लाकर छोड़ दिया गया। छुट्टी के बाद वे बहन को लेकर घर पहुंचे। उनकी हालत देखकर मां ने पूछा तो नवीन और पुरू ने अपने साथ हुई घटना की उन्हें जानकारी दी। बेटे और भतीजे के साथ स्कूल में मारपीट की बात सुनकर पूनम आग बबूला हो गईं। उन्होंने मामले की शिकायत डीआईजी से कर कार्रवाई की मांग भी की। इसके बाद कर्नलगंज थाने में जाकर तहरीर दी। पूनम का आरोप है कि बिना किसी वजह के प्रिसिंपल के गार्डों ने बेटे और भतीजे को पीटा है। जबकि सातवीं तक पुरू उसी स्कूल में पढ़ा है।