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बालू लदे ट्रक ने वकील को कुचला, चक्काजाम

Sat, 10 Jan 2015 12:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
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घूरपुर के इरादतगंज चौराहे पर शुक्रवार शाम बालू लदे बेकाबू ट्रक ने सड़क पार कर रहे वकील को कुचल दिया। ट्रक का पिछला पहिया वकील के ऊपर से गुजर गया। हादसे में उसकी मौके पर मौत हो गई। भीड़ के डर से चालक ट्रक लेकर भागा, लेकिन पकड़े जाने के डर से 500 मीटर दूर जाकर ट्रक छोड़ फरार हो गया। घटना से आक्रोशित वकीलों और स्थानीय लोगों ने इलाहाबाद-रीवा राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने शव को उठाने का प्रयास किया तो वकीलों से झड़प हुई। सीओ के मौके पर पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।
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बगबना गांव के बृजलाल कुशवाहा (55) पेशे से वकील थे। वह जिला कचहरी में वकालत करते थे। रोज की तरह बृजलाल कचहरी बंद होने के बाद घूरपुर के इरादतगंज चौराहे पर एक वाहन से उतरे। कुछ लोगों से चौराहे पर मिलने के लिए पैदल ही सड़क पार कर रहे थे। तभी घूरपुर की ओर से बालू लादकर इलाहाबाद की ओर आ रहे ट्रक ने बृजलाल को टक्कर मार दी। बृजलाल सड़क पर गिर पड़े। ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से ही गुजर गया। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक समेत भाग निकला। आगे जाकर पांच सौ मीटर दूर जाकर चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंचे तो वकील की सांसें थम चुकी थीं। हादसे की खबर सुनकर चौराहे पर मौजूद बारा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद चंद्र मिश्र समेत दो दर्जन वकील जुट गए। वकीलों ने स्थानीय लोगों के साथ चक्काजाम कर दिया। हादसे और चक्काजाम की सूचना पर घूरपुर एसओ पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव को उठाने का प्रयास किया तो लोग बिफर गए। नाराज लोगों की पुलिस से तीखी नोंकझोंक हुई। चक्काजाम से चौराहे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। चक्काजाम कर रहे लोग वकील के परिजनों को 10 लाख रुपया मुआवजा और स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग कर रहे थे। दो घंटे तक मौके चक्काजाम रहा। सीओ करछना समर बहादुर के समझाने और आश्वासन के बाद जाम खुला। घूरपुर पुलिस का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।


घूरपुर। चक्काजाम कर रहे लोगों का आरोप था कि चौराहे पर दो साल में आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस बेकाबू ट्रकों की रफ्तार पर लगाम नहीं लगा पा रही है। इसके चलते आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। वकील की मौत से लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने पुलिस से तत्काल स्पीड ब्रेकर और चौराहे को चौड़ा किए जाने की मांग किया है।
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घूरपुर। बृजलाल रोज शाम को कचहरी करने के बाद घर पहुंच जाते थे। शुक्रवार शाम को भी घरवाले उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनकी मौत की खबर पहुंची तो कोहराम मच गया। पत्नी शांति देवी अचेत हो गईं। बृजलाल तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई की दस साल पहले हत्या कर दी गई थी। छोटा भाई बृजमोहन पूर्व ग्राम प्रधान रहे। बृजलाल का बड़ा बेटा संतोष रामबाग स्थित एक निजी अस्पताल में कैंटीन चलाता है। दूसरा बेटा भी उसके साथ रहता है, जबकि छोटा पिंटू घर पर रहकर पढ़ाई के साथ खेती बाड़ी देखता है। तीन बेटियों डिंपल, रीता और अंतिमा में दो की शादी हो चुकी है। बेटा पिंटू पिता के मौत का समाचार सुनकर बदहवास हो गया। दोनों बेटे भी पिता की मौत खबर पाकर रोते बिलखते गांव पहुंचे। बृजलाल के घर में कोहराम मचा है।
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