इलाहाबाद (ब्यूरो)। चंद्रशेखर आजाद पार्क के सामने कुछ समय पहले तक वाहन स्टैंड चलाने वाले ठेकेदार ने नगर निगम के एक कर्मचारी की जमकर पिटाई कर दी। कार्यालय के अंदर पिटाई में कर्मचारी के सिर एवं हाथ में चोट आई। साथी कर्मियों ने बीच-बचाव कर मामला संभाला। घटना की जानकारी नगर आयुक्त एवं प्रभारी अधिकारी नजूल को दी। इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ नामजद तहरीर सिविल लाइंस थाने में दी गई है।
नगर निगम ने चंद्रशेखर आजाद पार्क के सामने वाहन स्टैंड का ठेका एक वर्ष के लिए 7.21 लाख रुपये में दिया था। ठेकेदार ने 3.80 लाख रुपये नगर निगम में जमानत के तौर पर जमा किए और वाहन स्टैंड का संचालन शुरू कर दिया। नगर निगम ने शेष रकम एक माह के भीतर जमा करने का नोटिस दिया। ठेकेदार स्टैंड पर वाहनों से शुल्क वसूलता रहा लेकिन नगर निगम में शेष रकम नहीं जमा की। कई नोटिस के बावजूद रकम न जमा करने के बाद ठेकेदार ने वाहन स्टैंड चलाने में असमर्थता जताते हुए जमा रकम वापस करने की मांग की। इस पर निगम ने जांच कराई तो पता चला कि वाहन स्टैंड का संचालन लगातार जारी है सो निगम ने स्टैंड का ठेका निरस्त कर जमानत राशि जब्त कर ली।
मंगलवार को दिन में ठेकेदार निगम के नजूल विभाग पहुंचा और बाबू पंधारी लाल पाल से स्टैंड से संबंधित फाइल मांगी। बाबू ने फाइल के लिए नगर आयुक्त या नजूल प्रभारी से संपर्क करने के लिए कहा। इस पर आगबबूला ठेकेदार पंधारी पर टूट पड़ा। ठेकेदार ने लात-घूंसों से पंधारी को जमकर पीटा। कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। नजूल प्रभारी ने बताया कि ठेेकेदार सत्येंद्र दुबे के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में तहरीर दे दी गई है।