शांतिपुरम स्थित रुद्र प्रयाग पब्लिक स्कूल में छात्रों की बेरहमी से पिटाई करने वाले प्रिंसिपल सत्येंद्र द्विवेदी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। क्राइम ब्रांच और पुलिस 20 दिन से आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। अदालत से भी कुर्की के आदेश हो गए थे लेकिन आरोपी प्रिंसिपल पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फाफामऊ के आसपास के गांवों में छिपा हुआ था। एसओ संतोष शर्मा ने मुखबिर की सूचना पर गोहारी रेलवे क्रासिंग के पास उसे दबोच लिया। आरोपी यहां से दूसरे शहर जाने के लिए परिचित के वाहन का इंतजार कर रहा था।
अगस्त के पहले सप्ताह में स्कूली बच्चे के होम वर्क न करने पर प्रिंसिपल सत्येंद्र द्विवेदी को गुस्सा आ गया। वह स्कूल के स्टोर रूम में रखी लाठी ले आया और एक के बाद एक करके कक्षा के सभी 32 छात्र-छात्राओं की बेरहमी से पिटाई की। लात-घूंसों से भी निर्दयतापूर्वक से मारापीटा। उसी समय कुछ लोगों ने बच्चों से बेरहमी का वीडियो बना लिया था। जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। शुरूआत में तो पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी इस वीडियो के आधार पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं थे। एसओ से लेकर सीओ तक का कहना था कि प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोई तैयार नहीं है।
इसकी खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। उसी के बाद थाना प्रभारी सोरांव की ओर से प्रिंसिपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो पाई। इसी के बाद कालेज की मान्यता पर सवाल उठे और डीआईओएस के साथ कमेटी जांच के लिए कालेज पहुंची। डीआईओएस ने इस कालेज को अवैध करार दिया और बिल्डिंग सील कर दी गई थी।
सोरांव थाना प्रभारी संतोष शर्मा ने बताया कि प्रिंसिपल सत्येंद्र द्विवेदी को शनिवार की सुबह गिरफ्तार किया है। आज ही इलाहाबाद में न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। शाम को अदालत के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल दिया गया है। प्रिंसिपल ने स्वीकार किया कि बच्चों को नहीं पीटना चाहिए था।