रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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ट्रिपलआईटी के प्रोफेसर अनुपम अग्रवाल के खिलाफ प्रोजेक्ट फेलो परमात्मा यादव को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा थाना धूमनगंज में दर्ज कर लिया गया है। मृतक के भाई अवनीश यादव ने दो सप्ताह पहले एसएसपी से मिलकर प्रोफेसर को परमात्मा की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने का अनुरोध किया था। पोस्टमार्टम न होने के कारण एसएसपी ने तहरीर के आधार पर सीओ सिविल लाइंस को जांच के आदेश दिए थे। जांच में सीओ ने दोनों पक्षों के बयान लिए और रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी थी। जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज हो गई है।
गोरखपुर निवासी अवनीश यादव ने एसएसपी को दी तहरीर में कहा था कि ट्रिपलआईटी के प्रोफेसर के उत्पीड़न के कारण उनके छोटे भाई परमात्मा यादव ने 28 अगस्त को ट्रिपलआईटी परिसर से थोड़ी दूरी प्राइवेट मकान में आत्महत्या कर ली थी। तहरीर के साथ सबूत बतौर 40 संस्थानों से ई मेल के जरिए मिले ऑफर लेटर भी सौंपे थे। प्रोफेसर की ओर से हाईस्कूल से लेकर पीजी तक के प्रमाणपत्र न दिए जाने के कारण दूसरे संस्थान में काम न मिलने का जिक्र किया गया था। सुबह से देर रात तक गाइड रहे प्रोफेसर पर घरेलू काम कराने के आरोप भी लगाए थे।
तहरीर में यह भी कहा है कि 28 अगस्त की रात साढ़े ग्यारह बजे परिवार में परमात्मा की पत्नी रितु यादव और मां मालती देवी सो रही थीं। तब परमात्मा लैपटॉप पर काम कर रहे थे और काफी तनाव में थे। सुबह छह बजे उनकी पत्नी रितु की आंख खुली तो देखा कि वह बेड पर नहीं हैं। बाहर गई तो देखा कि परमात्मा फंदे पर लटके हुए थे। सदमे से एक दम चीख निकल गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गई थीं। थोड़ी देर बाद होश आया तो आसपास भीड़ लगी गुई थी।
‘दोनों पक्षों के बयान और साक्ष्य के आधार पर सीओ सिविल लाइंस ने रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। उसी आधार पर ट्रिपलआईटी के प्रोफेसर अनुपम अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश किए गए हैं।’ -आनंद कुलकर्णी, एसएसपी