पत्नी की तरफदारी करने पर एक युवक को उसके भाइयों ने मिलकर इस कदर पीटा कि अस्पताल ले जाते ही उसकी मौत हो गई। यह सनसनीखेज वारदात नैनी क्षेत्र के नया पुरवा मोहल्ले में रविवार रात की है। मृतक की पत्नी गीता पटेल ने सोमवार सुबह घटना की बाबत तहरीर देकर पति के चार भाइयों, दो बहनों, मां-पिता पर संपत्ति के बंटवारे के विवाद में हत्या का आरोप लगाया। पुलिस रिपोर्ट लिखकर जांच कर रही है।
मृतक संजय पटेल की पत्नी गीता पटेल के मुताबिक रविवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे गर्मी के चलते वह अपने बच्चों आरती (15), पूजा (12), आंचल (10), रक्षा (7), गोविंदा (5) और मोनू (3) के साथ छत पर सोने गई। मगर वहां मौजूद सास फूलकली ने उसे छत पर सोने से मना किया। इस पर सास-बहू में कहासुनी होने लगी। इतने में गीता के चार देवर और ससुर सीताराम वहां पहुंच गए। उन्होंने गीता को धक्का देकर गिरा दिया। तभी गीता का पति संजय पटेल (36) आकर बीच-बचाव करने लगा तो सबने उस पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडे और ईंट से उसे इस कदर पीटा कि संजय खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। पति को बचाने में गीता और उसके पुत्र गोविंदा को भी चोट पहुंची। वह पति को जेल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गई वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गीता वहां चीखने-कलपने लगी। उसके बच्चे और पड़ोसी भी अस्पताल पहुंच गए।
घटना की जानकारी पाकर नैनी पुलिस देर रात अस्पताल पहुंची। पुलिस को गीता ने बताया कि संजय के घरवाले संपत्ति के बंटवारे को लेकर उससे नाराज थे। आए दिन संजय के भाई ननका, राजेंद्र, धर्मेंद, बजरंगी, मां फूलकली और पिता सीताराम उससे झगड़ा किया करते थे। किसी न किसी बहाने संजय से मारपीट करना और गालीगलौज करना रोज की बात थी। संजय स्टेशन पर रेवड़ी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था। रविवार रात वह स्टेशन से घर लौटा तभी पत्नी गीता से सास-ससुर झगड़ रहे थे। उसका कसूर इतना था कि उसने पत्नी का बचाव किया। पुलिस ने संजय की पत्नी की तहरीर पर उसके चार भाइयों और मां के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
थाने जाकर पत्नी ने कर दिया हंगामा
घटना के बाद से संजय की पत्नी-बच्चे सदमे में हैं। पुलिस ने संजय के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा मगर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। इस बीच सोमवार रात करीब आठ बजे संजय की पत्नी गीता बच्चों और मायकेवालों के साथ नैनी कोतवाली पहुंची और पति के कातिलों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए रोने-चीखने लगी। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा देकर गीता को मनाकर वापस घर भेज दिया।