दस दिन पहले क्षेत्र के बभनी ग्राम में रेलवे ट्रैक के पास किशोरी की लाश मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को बिना बताए ही शव को दफना दिया था। मगर कथित तौर पर में बेटी ने सपने में आकर बताया कि उसे बलात्कार के बाद मार डाला गया था तो पिता ने उसका शव कब्र से निकाला और बक्से में भरकर मांडा थाने जाकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
संत रविदास नगर के कौइरौना इलाके में रहने वाले कमल कुमार की बेटी 13 वर्षीय शीला (दोनों नाम काल्पनिक) 28 मई की शाम अपना मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए घर से निकली। फिर वह लौटी नहीं। दूसरे रोज 29 मई को उसकी लाश मांडा थाना क्षेत्र के बभनी ग्राम में रेलवे लाइन के पास मिली। जानकारी पाकर वहां पहुंचे परिजनों ने लाश का पोस्टमार्टम नही कराया। उन्होंने शव ले जाकर गंगा तट पर दफन कर दिया। मगर घटना के आठ रोज बाद सोमवार को कमल कुमार बेटी शीला का शव कब्र से निकाल बक्से में भरकर मांडा थाने जा पहुंचा। बक्से में लाश होने की जानकारी पाकर पुलिसवाले सकते में रह गए। कमल कुमार ने दावा किया कि रात में बेटी शीला ने सपने में आकर उससे रोते हुए कहा कि उसे बलात्कार के बाद रेल पटरी पर मारकर फेंका गया था। बेटी ने गुहार लगाई कि उसे इंसाफ दिलाया जाए। न्याय नहीं मिला तो उसकी आत्मा भटकती रहेगी।
पिता से तहरीर लेकर पुलिस ने बक्से से लड़की का शव निकाल सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इलाकाई पुलिस की माने तो 29 मई को रेलवे की तरफ से कोई मेमो नही आया था इसलिए उसे लाश के बारे में कोई जानकारी नही है। जबकि परिजनों ने दावा किया है कि पुलिस की मौजूदगी में वे शव को घर ले गये और गंगा तट पर दफना दिया था। एसओ मांडा ने कहा कि पोस्टमार्टम होने पर मौत का सच सामने आएगा।