हंडिया इलाके के एक एक गांव में दलित किशोरी से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई। घर से कुछ दूर स्थित झाड़ियों में लाश फेंककर बदमाश भाग निकले। शनिवार रात लापता किशोरी की लाश मिली तो सनसनी फैल गई। उसके गले में चोट के निशान थे। शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि दुराचार के बाद ही उसकी जान ली गई। पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी है।
पीड़िता हंडिया स्थित एक गांव में रहने वाले दलित मजदूर की सबसे छोटी बेटी थी। वह आठवीं में पढ़ती थी। शुक्रवार रात मोबाइल चार्ज कराने की बात कहकर वह पड़ोस में रहने वाले चाचा के घर जाने के लिए निकली। हालांकि देर रात तक वापस नहीं आई। घरवाले खोजबीन करने लगे तो पता चला कि किशोरी चाचा के घर पहुंची तो थी लेकिन मोबाइल चार्जिंग पर लगाकर वहां से कहीं चली गई थी। घरवाले रात भर उसकी तलाश करते रहे लेकिन कुछ पता नहीं चला। शनिवार को भी पूरा दिन घरवाले खोजबीन में जुटे रहे। रात लगभग साढ़े सात बजे चचेरा भाई शौच के लिए खेत की ओर जा रहा था।
इसी दौरान घर के पास स्थित झाड़ी में एक शव पड़ा दिखाई दिया। करीब पहुंचने पर उसके मुंह से चीख निकल गई। शोर सुनकर किशोरी के घर वाले भी आ गए। थोड़ी ही देर में वहां भीड़ जुट गई। सूचना पर हंडिया इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह देव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट की टीम ने भी मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए। किशोरी की मौत से घरवालों का रो रोकर हाल खराब था। पुलिस से किशोरी के पिता ने दुराचार के बाद हत्या की आशंका जाहिर की है। किशोरी की नाक से झाग निकल रहा था और गले में चोट के निशान भी थे। इससे आशंका है कि दुराचार के बाद उसकी हत्या कर आरोपी लाश झाड़ी में फेंककर भाग निकले।
किशोरी घर से मोबाइल लेकर निकली थी। वह मोबाइल चाचा के घर में चार्जिंग में लगाने के बाद कहीं निकली लेकिन घर नहीं पहुंची। सीओ हंडिया रविशंकर प्रसाद ने बताया कि किशोरी के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जाएगी। कॉल डिटेल से मामला साफ हो जाएगा। वहीं चर्चा है कि पुलिस ने घटनास्थल से एक अन्य मोबाइल भी बरामद किया है। लेकिन इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह देव ने मोबाइल मिलने की बात से इंकार किया है।