उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के केंद्रीय रेलवे अस्पताल की कैंटीन में मंगलवार सुबह रसोई गैस सिलेंडर के पाइप में आग लगने से हड़कंप मच गया। कैंटीन के किचन में काम कर रही महिला आग की लपटें देख शोर मचाते हुए बाहर की ओर भागी तो अन्य कर्मचारी भी वहां से निकलकर दूर खड़े हो गए। हो हल्ला सुनकर वहां भीड़ जमा हो गई। एक कर्मचारी ने किचन से गैस सिलेंडर बाहर लाकर फेंका तब खतरा टला। पानी डालने के बाद अग्निशमन उपकरणों से आग पर काबू पाया गया। इस दौरान वहां अफरातफरी मची रही। गनीमत रही कि गैस सिलेंडर फटा नहीं। सिलेंडर फटता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
रेलवे अस्पताल में महिला कल्याण संगठन की ओर से मरीजों की सुविधा के लिए कैंटीन शुरू की गई। कैंटीन संचालक असलम अली के मुताबिक सुबह करीब दस बजे किचन मेें रखे व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडर और चूल्हे को जोड़ने वाले पाइप में लीके ज से आग लग गई। तेज आवाज के साथ आग की तेज लपटें देख वहां काम कर रही महिला उर्मिला देवी शोर मचाते हुए बाहर की ओर भागी। लपटों को देख चाय-समोसा खरीदने आए लोग भी हल्ला करते हुए भाग कर दूर खड़े हो गए।
देखते ही देखते वहां भीड़ एकत्र हो गई। कैंटीन में भरा धुआं और आग की लपटों को देखकर लोग भयभीत थे। तभी संचालक असलम के साथ एक अन्य कर्मचारी और कैंटीन कर्मचारी सिलेंडर निकालकर बाहर लाए। बालू डालकर तप रहे सिलेंडर को ठंडा किया गया। अस्पताल में लगे फायर इंस्टीग्यूशर और पाइप से पानी डालकर आग पर काबू पाया गया। धुआं निकलने पर लोग भीतर गए तो वहां रखा हजारों का सामान आग और पानी कसे खराब हो चुका था। चीनी, चाय पत्ती, बिस्किुट आदि सामान बिखरे थे। खिड़कियों में लगे शीशे टूट गए थे। पांच से सात मिनट की आग पर काबू पाने के काफी देर बाद तक लोग वहां जमा रहे। दोपहर बाद कैं टीन फिर से खोली गई।