इलाहाबाद (ब्यूरो)। यह धोखाधड़ी और दबंगई की नई कहानी है। करछना इलाके में बेटी के ब्याह के लिए जमीन बेचने वाले किसान का आरोप है कि क्रेता ने पहले उसे रकम देकर जमीन की रजिस्ट्री करा ली फिर तमंचा लगा जमीन के एवज में दी गई रकम किसान के खाते से अपने खाते में पुन: ट्रांसफर करा ली। किसान की शिकायत पर एसीजेएम मो. असलम सिद्दीकी ने करछना थाने को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है।
करछना के ममेरी गांव निवासी किसान श्रीकृष्ण ने अदालत में 156(3) के तहत प्रार्थनापत्र देकर कहा है कि उसने अपनी बेटी की शादी के लिए जमीन के दो टुकड़ों का गांव के ही संजय कुमार यादव से सौदा किया। 25 सितंबर 2014 को संजय ने एक जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी सरोज देवी के नाम कराई। इसके एवज में उसे आठ लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किया। फिर 27 सितंबर को संजय ने दूसरी जमीन अपने नाम से ली। दूसरी जमीन के लिए पांच लाख 75 हजार रुपये का भुगतान किया।
जमीन बेचकर प्राप्त रकम उसने पोस्टऑफिस के खाते में जमा कर दी। आरोप है कि सात अक्तूबर 2014 को संजय यादव, सरोजा देवी, गुलाब यादव, पप्पू यादव, रामेंद्र यादव आदि उसके घर पर आए और कहा कि जमीन की लिखापढ़ी में कुछ कमी रह गई। उसे पोस्टऑफिस की पासबुक भी साथ लेकर चलने को कहा। आरोप है कि रास्ते में संजय आदि ने श्रीकृष्ण को मारने पीटने के बाद तमंचा लगा दिया और जबरदस्ती निकासी फार्म पर दस्तखत कराकर 13 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। अदालत ने आरोपों को गंभीर मानते हुए करछना थाने को आरोपीगण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।