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प्रोफेसर और कारोबारी भी साइबर शातिरों के शिकार

Tue, 27 Dec 2016 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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साइबर क्राइम - फोटो : Demo
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साइबर शातिरों ने इलाहाबाद विश्वद्यिालय के प्रोफेसर जगदम्बा सिंह तथा एक सराफा कारोबारी को भी चपत लगा दी। प्रोफेसर के एटीएम कार्ड की डिटेल चुराकर लगभग 57 हजार रुपये के ट्रेन टिकट ऑनलाइन बुक करा लिए। उन्होंने कर्नलगंज थाने में केस दर्ज कराया। उधर, बैरहना में रहने वाले सराफा कारोबारी को सोमवार दोपहर साइबर शातिरों ने एक मार्केटगिं कंपनी से ईनाम का लालच देकर एटीएम कार्ड नंबर पूछ लिया और 54 हजार रुपये उड़ा दिए।
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 प्रोफेसर जगदम्बा सिंह इविवि में डीएसडब्लू, प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक और रसायन विभाग के अध्यक्ष समेत कई अहम पदों पर कार्यरत रहे हैं। मिंटो रोड पर उनका निवास है। 24 दिसंबर की शाम उनके मोबाइल पर पंजाब नेशनल बैंक से 45 हजार 999 रुपये निकलने का एसएमएस आया। यह रकम उनके डेबिट कार्ड के जरिए बैंक खाते से कटी थी। मैसेज देख प्रोफेसर सकते में रह गए क्योंकि उन्होंने डेबिट कार्ड का इस्तेमाल ही नहीं किया था। उन्होंने फौरन कार्ड को ब्लाक कराने के लिए बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। मगर उतनी ही देर में कार्ड के जरिए पीएनबी के उनके खाते से 10 हजार 454 रुपये कटने का एक और मैसेज आ गया।

सी शातिर शख्स ने उनके डेबिट कार्ड के जरिए रेलवे की आईआरसीटीसी साइट से तकरीबन 57 हजार रुपये कीमत के ट्रेन टिकट बुक करा लिए थे। प्रोफेसर ने कार्ड ब्लाक कराने के बाद साइबर सेल, कर्नलगंज थाने तथा बैंक में सूचना दी। अमर उजाला से प्रोफेसर ने बताया कि उन्होंने किसी को न तो कार्ड दिया और न कार्ड की जानकारी दी। किसी ने फोनकर पूछा भी नहीं। अब शातिर ने उनके डेबिट कार्ड का डिटेल कहां से हासिल किया, यह तो जांच में ही मालूम हो सकेगा।
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दूसरा मामला कीडगंज इलाके का है। इंद्रपुरी कॉलोनी बैरहना निवासी सराफा का व्यवसाय करने वाले सुनील कुमार सेठ को सोमवार दिन में करीब 11 बजे फोन करने वाले ने खुद को होम शॉप 18 का सेल्स अफसर बताया और कहा कि 3500 रुपये की शापिंग करने की वजह से आपको लकी ड्रा में 75 हजार रुपये नगद ईनाम मिला है। फिर फोन कट गया। कुछ देर बाद दूसरे नंबर से फोन आया। सुनील से कहा गया कि वह फौरन अपने डेबिट कार्ड का नंबर बताएं ताकि उनके खाते में 75 हजार रुपये जमा किए जा सकें। डेबिट कार्ड का नंबर बताने के  कुछ ही देर बाद सुनील को उनके एसबीआई बैंक शाखा से पैसे कटने के चार मैसेज आए।

चार बार में उनके खाते से 54 हजार रुपये से अधिक कट गए थे। शातिरों ने डेबिट कार्ड नंबर के जरिए फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन शापिंग कर डाली थी। उन्होंने ईनाम का फोन करने वाले शख्स के नंबर पर फोन किया तो उसने कहा कि वे पैसे कटने वाले मैसेज डिलीट कर दें तो उन्हें नए मैसेज जाएंगे। मगर सुनील समझ गए कि उन्हें ठगी का शिकार बनाया गया है। उन्होंने कीडगंज थाने में जाकर तहरीर दी तो केस लिखकर पुलिस ने छानबीन शुरू की।
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