खुल्दाबाद थाने के सामने बाल सुधार गृह के बाहर से मंगलवार दोपहर फरार कुख्यात अपराधी गोदऊ पासी की तलाश में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम भटकती रही लेकिन अभी कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस टीमों ने इलाहाबाद, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ के अलावा फतेहपुर जनपद में भी जाल बिछाया है क्योंकि आशंका है कि वह पुलिस से बचने के लिए कुछ दिन बाहरी ठिकानों पर पनाह ले सकता है। इन जिलों की पुलिस को भी गोदऊ की फरारी की जानकारी देकर उनसे भी मदद मांगी गई है। उसके गुर्गों की भी खोजबीन हो रही है ताकि कुछ सुराग मिले।
मुंडेरा गांव का विनोद कुमार उर्फ गोदऊ पासी कम उम्र में ही पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बन चुका है। वह कत्ल, छिनैती, रंगदारी उगाही समेत दो दर्जन से ज्यादा मुकदमों में आरोपी है। पिछले साल तीन घंटे के भीतर लूकरगंज और प्रीतम नगर कॉलोनी में दो लूट और मुंडेरा में कारोबारी की गोली मारकर हत्या के बाद पुलिस ने बड़ी मशक्कत से उसे 17 सितंबर को गिरफ्तार किया था। जेल से वह कारोबारियों को धमकी देकर रंगदारी न मांग सके इसलिए उसे मिर्जापुर जिला कारागार भेज दिया गया था। उसकी मां निर्मला ने कोर्ट में नाबालिग होने की टीसी लगा दी इसलिए उसका मामला किशोर न्यायालय में भेज दिया गया हालांकि टीसी फर्जी साबित हो गई और मां निर्मला के खिलाफ खुल्दाबाद थाने में केस लिखा गया। उसी मामले में मंगलवार को गोदऊ पासी की खुल्दाबाद थाने के सामने बाल सुधार गृह स्थित किशोर न्यायालय में पेशी थी। पुलिसकर्मी उसे गाड़ी से उतारकर आगे बढ़े तभी वह सिपाही का हाथ छुड़ाकर भागा और बाइक स्टार्ट कर खड़े साथी संग नुरूल्ला रोड की तरफ फरार हो गया। फरारी में गोदऊ के साथ ही उसे पेशी पर लाने वाले एचसीपी और सिपाही के खिलाफ खुल्दाबाद थाने में केस लिखा गया है। तब से क्राइम ब्रांच के साथ चार पुलिस टीम इस बदमाश की तलाश में इलाहाबाद और पड़ोसी जिलों में भटक रही हैं। हालांकि 30 घंटे बाद भी पुलिस को उसकी कोई लोकेशन नहीं मिल सकी। पुलिस यह भी पता नहीं लगा सकी है कि उसे बाइक पर बैठाकर फरारी में मदद करने वाला अपराधी कौन है। इस बारे में भी जांच हो रही है। एसएसपी केेस इमेनुएल ने कहा कि गोदऊ को जल्द दबोचने की भरसक कोशिश हो रही है।
फर्जीवाड़ा में भेजा गया मां को जेल
अपने अपराधी बेटे गोदऊ को जेल की बजाय बाल सुधार गृह में स्थानांतरित कराने की खातिर कसेरूआ खुर्द के अज्ञात स्कूल की फर्जी टीसी के जरिए उसे नाबालिग साबित करने की कोशिश मां निर्मला को भारी पड़ गई है। किशोर न्यायालय के आदेश पर एबीएसए की जांच में टीसी फर्जी मिली तो खुल्दाबाद थाने में निर्मला के खिलाफ धोखाधड़ी का केस लिखा गया था। बुधवार को खुल्दाबाद थाने की पुलिस ने निर्मला को गिरफ्तार कर एसीजेएम चार की अदालत में पेश किया। अदालत ने निर्मला को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश जारी किया।