जंक्शन परिसर में मां की गोद में साढ़े तीन साल के मासूम को छीनकर अगवा कर लिया गया। यह महिला झलवा स्थित ससुराल में झगड़े के बाद बेटे और पति संग जंक्शन चली आई थी। पति कुछ देर के लिए कहीं गया तभी एक व्यक्ति ने उसे नशीली गोली मिलाकर चाय पिला दी। फिर चाकू दिखाकर बच्चे को छीन ले गया। पति के आने पर महिला ने जीआरपी और आरपीएफ थाने जाकर शिकायत की, लेकिन पुलिस ने रो-बिलख रहे दंपति की व्यथा को दरकिनार कर दिया। मंगलवार को भी रात तक पति-पत्नी जंक्शन परिसर में ही बच्चे की तलाश में भटकते रहे।
धूमनगंज इलाके के झलवा में रहने वाले मूलचंद्र ने शबाना से करीब सात साल पहले प्रेम विवाह किया था। वह छोटे-मोटे काम कर गुजारा करता है। शबाना ने साढ़े तीन साल पहले बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम राजेश रखा गया। शबाना और ससुरालियों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। कुछ दिन पहले भी झड़प होने पर वह बेटे राजेश और पति मूलचंद्र के साथ रेलवे स्टेशन के गेट नंबर दो पर एक पेड़ के नीचे आकर मजदूरों के साथ टिक गई। दो जून की शाम मूलचंद्र किसी काम से झलवा गया था। तभी एक शख्स ने शबाना को बातों में उलझाकर चाय पीने को दी। चाय पीने के कुछ ही देर बाद उसे चक्कर आने लगा। तभी उस व्यक्ति ने चाकू दिखाकर शबाना से उसका बेटा छीना और पास खड़े ऑटो में बैठकर निकल गया।
शबाना बेहोशी की स्थिति में कुछ कर भी नहीं सकी। कुछ देर बाद पति मूलचंद्र के आने पर उसने घटना बताई। पति-पत्नी ने काफी खोजबीन की, लेकिन बच्चे का पता नहीं चल सका। अलबत्ता दो दिन तक भटकने के दौरान मूलचंद्र को पता चला कि बच्चा छीनकर ले जाना वाला इस मामले में पेेशेवर अपराधी है। वह पहले भी जंक्शन परिसर में भीख मांगने या काम करने वाले दंपतियों के मासूम बच्चों को चुराकर बेच चुका है। ऐसे में शक है कि उसने राजेश को भी उसकी मां से छीनकर बेटा चाहने वाले किसी दंपति से सौदा कर लिया होगा, मगर पीड़ित दंपति की शिकायत पर पुलिस ने कुछ किया ही नहीं।