फूलपुर/प्रतापपुर(इलाहाबाद)। सरायममरेज इलाके के छतौना गांव में सोमवार रात तीस वर्षीय रीता यादव को उसकी जेठानियों और भतीजों ने पीटकर मार डाला। उसे सरिया और डंडे से बेरहमी से पीटा गया। कत्ल के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। उस वक्त पति दावत में गया था। देर रात वह घर लौटा तो कत्ल का पता चला। फिर मायके वाले भी आ गए। पिता ने जेठ-जेठानियों और भतीजों समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखा दी है।
छतौना गांव निवासी राधेश्याम यादव और उसके सभी चार भाई मुंबई में रहकर नौकरी करते हैं। यहां गांव में उसकी पत्नी रीता जेठानियों और भतीजों के साथ रहती थी। उसके तीन बच्चे हैं। 10 साल की एक बेटी गुडान, आठ साल का पुत्र राजन और पांच साल का बेटा शुभम। इधर एक महीने से राधेश्याम भी मुंबई से घर आया हुआ है। सोमवार शाम वह थरवई के कटियाही गांव में दावत में गया था।
देर रात वह घर लौटा तो उसे रीता घर के भीतर खून से लथपथ और मृत मिली। बच्चे रो-कलप रहे थे। पड़ोसी भी जुट गए थे। मगर घर में कोई और नहीं था। वहां भीड़ लगती गई। खबर पाकर सरायममरेज थाने की पुलिस भी पहुंची। फिर उतरांव के ताजापुर मकसूदना गांव से रीता के मायके वाले भी आ गए। उसके पिता का भी नाम राधेश्याम है। आसपास के लोगों से बातचीत में पता चला कि रीता का अपनी जेठानियों और भतीजों से झगड़ा हुआ था। उन्हीं लोगों ने उसे पीटकर मार डाला।
पिता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2002 में शादी के वक्त उन्होंने पांच लाख रुपये नगद, बाइक, गहने समेत काफी सामान दिए थे मगर रीता को पांच लाख रुपये की मांग करते हुए प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस ने रीता के पिता की तहरीर पर जेठानियों गीता देवी, प्रेमा, भतीजों सतीश, प्रदीप और जेठ समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी है। मुंबई में मौजूद दो जेठ भी नामजद हुए है हालांकि पति पर आरोप नहीं लगाया है।