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जवाहर पंडित हत्याकांड करवरिया बंधुओं ने किया सरेंडर, जेल गए

Tue, 28 Apr 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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करीब 18 साल पहले हुई पूर्व विधायक जवाहर यादव उर्फ पंडित की हत्या के आरोप में पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, उनके भाई एमएलसी सूरज भान करवरिया और रिश्तेदार रामचंद्र उर्फ कल्लू ने मंगलवार को स्पेशल सीजेएम की अदालत में सरेंडर कर दिया। तीनों की जमानतें निरस्त कर उनको जेल भेज दिया गया है। आरोपियोें की ओर से सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की गई है, जिस पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भोपाल सिंह सुनवाई कर रहे हैं। जमानत पर बुधवार को भी सुनवाई होगी।
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हाईकोर्ट द्वारा तीनों के खिलाफ मुकदमे के ट्रायल पर लगी रोक हटने के बाद शनिवार को ही तीनों को निचली अदालत में सरेंडर करना था। भूकंप आ जाने की वजह से कचहरी में न्यायिक कार्य प्रभावित हुआ और सरेंडर नहीं हो सका। अदालत ने मंगलवार को सरेंडर करने का अंतिम मौका दिया था। आज तीनों करीब 11 बजे दिन में जिला कचहरी पहुंचे और अपने अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र के मार्फत स्पेशल सीजेएम कोर्ट के प्रभारी मजिस्ट्रेट एसीजेएम सुभाष चंद्रा की कोर्ट में सरेंडर किया। एसीजेएम द्वारा जमानत अर्जी खारिज करने के बाद तत्काल सेशन कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया।

कपिलमुनि की ओर से जमानत पर बहस करने के लिए वरिष्ठ वकील ताराचंद्र गुप्ता, उमाशंकर तिवारी, राजेंद्र श्रीवास्तव, प्रदीप जायसवाल आदि ने पक्ष रखा। वकीलों की ओर से दलील दी गई कि आरोपी कपिल मुनि स्वयं अधिवक्ता हैं उनका घटना से कोई लेना देना है राजनीतिक रंजिश में उनके पूरे परिवार को फंसा दिया गया है। अंतरिम जमानत की भी मांग की गई मगर बाद में उसे बल नहीं दिया गया। जमानत प्रार्थनापत्र पर बुधवार को सुनवाई जारी रहेगी। इस दौरान तीनों को नैनी कारावास भेज दिया गया है।
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पूर्व सांसद और उनके भाई के सरेंडर तथा जमानत पर सुनवाई के दौरान न्यायालय कक्ष खचाखच भरा हुआ था। कोर्ट रूम में तिल रखने भर की जगह नहीं बची थी। कपिल मुनि का पक्ष रखने के लिए वकीलों की पूरी फौज डटी हुई तो तमाम लोग सिर्फ सुनने और देखने के लिए वहां डटे हुए थे। बता दें कि 13 अगस्त 1996 को जवाहर पंडित की सिविल लाइंस में अत्याधुनिक हथियारों से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में उनके साथ का गुलाब भी मारा गया था। एक राहगीर की भी गोली लगने से मौत हुई जबकि दो लोग घायल हुए थे। घटना में उदयभान करवरिया, कपिल मुनि, सूरजभान, रामचंद्र उर्फ कल्लू और श्याम नारायण उर्फ मौला को नामजद किया था। श्यामनारायण की मृत्यु हो चुकी है और शेष सभी अभियुक्त जेल पहुंच चुके हैं।
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