इलाहाबाद। थोक मंडी के मुकाबले खुदरा बाजार में प्याज की दोगुनी कीमत पर नियंत्रण लगाने की कवायद शुरू हो गई है। डीएम कौशल राज शर्मा के निर्देश के बाद बुधवार शाम और फिर बृहस्पतिवार को मंडी परिषद की ओर से कोल्ड स्टोरेजों में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। हालांकि मौके पर जमाखोरी नहीं पकड़ी गई लेकिन इस कार्रवाई का असर खुदरा बाजार में दिखने लगा और प्याज के भाव में चार से पांच रुपये प्रति किलो तक कमी आ गई।
मुंडेरा मंडी में प्याज की कीमत प्रति किलो 18-20 रुपये के बीच है लेकिन खुदरा बाजार में प्याज 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। थोक और खुदरा बाजार में प्याज की कीमत में यह अंतर ग्राहकों को रुला रहा है। प्याज की कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी से शहरी परेशान हैं। इस समस्या से निपटने के लिए डीएम ने मंडी सचिव धनंजय सिंह को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। डीएम ने बुधवार को दिन में सचिव को सख्ती का निर्देश दिया। इसके तुरंत बाद सचिव ने सभी सेक्टरों को कोल्ड स्टोरेज की जांच का आदेश दिया। बुधवार शाम को कई कोल्ड स्टोरेज में छापेमारी के बाद बृहस्पतिवार को कार्रवाई की गई। हालांकि कोल्ड स्टोरेज में प्याज की जमाखोरी नहीं मिली।
सूत्रों के मुताबिक कोल्ड स्टोरेज संचालकों को छापेमारी की सूचना मिल गई थी, जिसकी वजह से वहां से प्याज तेजी से हटवा दिया गया। हालांकि मंडी परिषद की ओर से ताबड़तोड़ छापेमारी का असर यह हुआ कि एक ही दिन में खुदरा बाजार में प्याज का भाव 35 से 40 रुपये प्रति किलो पर आ गया। मंडी सचिव का कहना है कि कोल्ड स्टोरेजों की जांच कराई जा रही है। भंडारन मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। बताया कि नासिक से प्याज की आपूर्ति बंद है। इलाहाबाद में रीवा, सतना से प्याज आ रही है। नासिक से प्याज आने पर कीमत में तेजी से गिरावट होगी।
मुंडेरा थोक मंडी के आढ़तियों ने शहरियों को फौरी राहत देने के लिए कम कीमत पर प्याज उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली है। बृहस्पतिवार को मुंडेरा मंडी फल-सब्जी व्यापार मंडल महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा, मंडी सचिव धनंजय सिंह की मौजूदगी में आढ़तियों के साथ हुई बैठक में तय हुआ कि खुदरा बाजार में प्याज का भाव 50 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंचा तो मुंडेरा मंडी के आढ़ती विभिन्न मोहल्लों में छोटी गाड़ियों से प्याज भेजेंगे। ग्राहकों को एक-दो किलोग्राम के पैकेटों में प्याज मंडी के भाव से उपलब्ध कराई जाएगी।