ताराचंद हास्टल के बाहर दो अक्तूबर की देर रात बसपा नेता राजेश यादव की हत्या में नामजद डॉ. मुकुल का बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस नोटिस जारी करेगी। सवा महीने तक इस प्रकरण में बयान दर्ज न होने को एसएसपी ने गंभीरता से लिया और विवेचना अधिकारी को निर्देश दिए कि वह एक सप्ताह में इस हत्याकांड को लेकर स्थिति साफ करें। साक्ष्य हों तो नामजद आरोपी को गिरफ्तार किया जाए।
रविवार शाम राजेश यादव की पत्नी मोनिका एसएससी से मिलीं थीं। उन्होंने डॉ. मुकुल के खिलाफ कुछ साक्ष्य दिए, साथ ही पुलिस के कब्जे वाली फारच्यूनर कार को रिलीज कराने का अनुरोध किया था। पीड़िता के अनुरोध पर एसएसपी आकाश कुलहरि ने विवेचना अधिकारी से अब तक नामजद आरोपी का सीआरपीसी 161 के तहत बयान न लेने पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर बयान लेने की कार्रवाई पूरी हो जाए। कार की फोरेंसिक जांच करा ली जाए। उसके बाद पीड़िता इस कार को कोर्ट के आदेश पर रिलीव करा सकती हैं। दो अक्तूबर की रात की घटना का क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन करने के लिए पुलिस की ओर से फोरेंसिक लैब लखनऊ को फिर से लिखा है। इससे पहले डॉ. मुकुल के नारको टेस्ट के लिए अनुमति की इंतजार है। इस बारे में नामजद आरोपी की सहमति ले ली गई है।