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नवजात की मौत पुलिस ने पर पुलिस ने साधी चुप्पी

Sat, 09 Apr 2016 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मम्फोर्डगंज इलाके में स्थित जेसी मैटरनिटी सेंटर में 31 मार्च की रात गलत इंजेक्शन लगा दिए जाने से एक नवजात की मौत हो गई थी। मामले में पीड़ित परिजनों की ओर से दो डॉक्टरों को नामजद करते हुए अस्पताल की नर्स एवं स्टाफ के खिलाफ कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी लेकिन हफ्ते भर बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जांच के नाम पर पुलिस शांत बैठी है और नवजात की मौत के लिए जिम्मेदार डॉक्टर्स एवं स्टाफ के लोग बेफिक्र होकर घूम रहे हैं।

न्यू मम्फोर्डगंज की रहने वाली प्रीति सिन्हा को प्रसव पीड़ा होने पर नया कटरा स्थित जेसी मैटरनिटी सेंटर में 30 मार्च को आधी रात के बाद भर्ती कराया गया था। रात डेढ़ बजे भर्ती कराई गई प्रीति ने दस घंटे बाद 31 मार्च को सुबह 10.51 बजे एक बच्चे को जन्म दिया। उस समय बच्चा स्वस्थ नजर आ रहा था लेकिन रात 10 बजे के करीब बच्चे को लेबर रूम में ले जाकर एक इंजेक्शन लगाया गया और उसके बाद नवजात की मौत हो गई। इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से श्रीकृष्ण सिन्हा की तहरीर पर कर्नलगंज पुलिस ने दो घंटे बाद डॉ. शारदा चंद्रा, डॉ. अरुण मौर्य समेत नर्स एवं अन्य स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। एफआईआर में लिखा गया है कि 31 मार्च को रात 10 बजे डॉ. अरुण मौर्य बच्चे को देखने वार्ड में पहुंचे और उसे इंजेक्शन लगाने के लिए कहा।
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इंजेक्शन लगते ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और उसके पूरे शरीर पर चकत्ते पड़ गए। नर्स बच्चे को लेकर लेबर रूम में चली गई। उस वक्त डॉ. शारदा चंद्रा भी वहां मौजूद थीं। एक घंटे बाद परिजनों को नवजात की मौत की खबर दी गई। इसी आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है लेकिन घटना के एक हफ्ते बाद भी पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और न ही नवजात की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों में से किसी की गिरफ्तारी हुई।
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