नवाबगंज इलाके के रसूलपुर चांधन गांव में रविवार दोपहर पड़ोसियों के बीच हुए झगड़े को सुलझाने की खातिर पंचायत से पहले ही बवाल हो गया। दोनों तरफ से फायरिंग की गई। इसी दौरान निजी स्कूल में पढ़ाने वाली शिवानी (21) को गोली मार दी गई। अस्पताल ले जाने पर कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। हत्या के पीछे पड़ोसियों के बीच पनपी खुन्नस है। खबर पाकर नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। हत्या में पूर्व प्रधान और उसके चार बेटों तथा एक बेटी को नामजद किया गया है। पुलिस ने आरोपी महिला को उसकी मां समेत पकड़ लिया है।
रसूलपुर चांधन गांव में वीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बब्बू और उनके पड़ोसी पूर्व प्रधान रामलखन सिंह के बीच लंबे समय से तनातनी रही है। बब्बू के घर में मांधाता प्रतापगढ़ से आकर उनके साले का पुत्र रवि भी दो साल से ठहरा है। शनिवार को रवि तथा पूर्व प्रधान रामलखन के बेटे राहुल के बीच वॉलीबाल खेलते समय झगड़ा हो गया था। फिर दोनों तरफ के लोगों के बीच कहासुनी हो गई। तब तय किया गया था कि रविवार को दोनों पक्षों के बीच पंचायत बैठेगी। रविवार दोपहर करीब सवा बारह बजे दोनों तरफ के लोग जुट रहे थे तभी अचानक बब्बू के घर पर राइफल से फायरिंग की गई। बब्बू की पुत्री शिवानी उर्फ खुशबू घर के बाहर निकली तो उसकी बायीं जांघ में गोलियां जा धंसी। पता चला है कि फायरिंग दोनों तरफ से की गई।
ताबड़तोड़ गोलियां चलने से गांव में खलबली मच गई। खून से लथपथ शिवानी को 108 नंबर की एंबुलेंस बुलाकर शहर में एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। मगर काफी ब्लीडिंग होने से शिवानी की जान नहीं बचाई जा सकी। एसआरएन अस्पताल में कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी पाकर एसओ नवाबगंज विजय कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उस वक्त थाने की जीप किसी वीआईपी के एस्कार्ट में लगी थी इसलिए थानाध्यक्ष को बाइक पर घटनास्थल तक जाना पड़ा। पुलिस के पहुंचने तक में हमलावर फरार हो गए थे। शिवानी के परिजनों ने कहा कि पूर्व प्रधान रामलखन और उसके बेटों ने फायरिंग की थी। उनके मुताबिक, राहुल ने अपने पिता रामलखन की लाइसेंसी राइफल से शिवानी को गोली मारी। पुलिस ने वीरेंद्र प्रताप उर्फ बब्बू की तहरीर पर इस घटना में रामलखन, उसके पुत्रों राहुल, मनोज, दिलीप, राज नारायण, शिवबख्श और बेटी उषा देवी के खिलाफ मुकदमा लिखा। पुलिस ने उषा और उसकी मां को हिरासत में लिया है। बाकी आरोपी फरार हो गए हैं।
नवाबगंज थाने की पुलिस जांच कर रही है कि रविवार दोपहर रसूलपुर चांधन गांव में शिवानी उर्फ खुशबू की गोली मारकर हत्या की घटना से पहले हुआ क्या था। पुलिस को जानकारी मिली है कि पंचायत के लिए एक पक्ष से बाहर से असलहाधारियों को बुलाया गया था। उन लोगों ने पूर्व प्रधान रामलखन के एक बेटे को गाड़ी में खींचने की कोशिश की तो झगड़ा शुरू हो गया। फिर फायरिंग होने लगी। हालांकि यह भी पता चला है कि शिवानी के पिता की लाइसेंसी बंदूक नवाबगंज थाने में जमा है। ऐसे में उनकी तरफ से फायरिंग की फिलहाल पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस संगीन घटना में नवाबगंज थाने की पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। शनिवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की जिसका नतीजा कत्ल के रूप में सामने आया है। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए मौके पर जाकर दोनों पक्षों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश की होती तो यह घटना टल सकती थी। रविवार दोपहर शिवानी को गोली मारे जाने के बाद भी बमुश्किल ढाई किलोमीटर दूर स्थित नवाबगंज थाने से पुलिस को मौके पर पहुंचने में एक घंटा लग गया।
बब्बू के चार बच्चों में शिवानी उर्फ खुशबू (21) दूसरे नंबर पर थी। वह बीए करने के बाद एक निजी स्कूल में पढ़ाने जाती थी। उसे घर में खुशबू कहकर पुकारा जाता था। गोली लगने पर वह खून से लथपथ होकर गिरी तो पिता बब्बू और मां प्रेमलता उसे संभालने लगे। बड़ी देर बाद एंबुलेंस आई तो उसे शहर में एसआरएन अस्पताल ले जाया गया लेकिन काफी खून बहने से उसकी जान चली गई। वह बेचारी बेवजह मौत के मुंह में समा गई। दर्असल, हमलावरों के निशाने पर तो उसका ममेरा भाई रवि था मगर गोलियां उसकी जांघ में जा धंसी। प्रतापगढ़ में मांधाता इलाके के भगवानपुर गांव निवासी रवि के बारे में पता चला है कि वह किसी कत्ल का आरोपी है और करीब दो साल से यहां अपने फूफा के घर में टिका है।