डीसीएम की बॉडी में केबिन बनाकर छुपाकर रखा गया था 19 बोरियों में
- फोटो : अमर उजाला
घूरपुर पुलिस ने सोमवार को अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया। खास बात यह रही कि इस गिरोह में एनडीए की तैयारी करने वाला एक छात्र भी शामिल है जिसे पुलिस ने गिरोह के छह अन्य सदस्यों समेत गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कुल 64 किलो गांजा बरामद किया है जिसकी कीमत लगभग 30 लाख बताई जा रही है।
एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि रविवार दोपहर सटीक सूचना पर पुलिस ने घूरपुर-गौहनिया हाईवे पर रायपुर, छत्तीसगढ़ से आ रही वॉल्वो बस को रोका तो उसमें भारी मात्रा में गांजा मिला। इस पर पुलिस ने सात व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके पास से नौ बैग बरामद किए जिनमें गांजा भरा था। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम सोनू शर्मा निवासी करछना, राजेश प्रसाद यादव निवासी रीवा, मो. मुख्तार व मो. मुकीम निवासी प्रतापगढ़, मुरारी सिंह निवासी शंकरगढ़, वीरेंद्र कुमार तिवारी निवासी रीवा और अमित कुमार विश्वकर्मा निवासी कौंधियारा बताया। इसमें सोनू शहर में एनडीए परीक्षा की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थान का छात्र है।
उसने पुलिस को बताया कि फीस के पैसे न होने पर वह गिरोह के संपर्क में आया। पकड़े गए लोगों ने बताया कि वह उड़ीसा के उमरपुर कोट से गांजा लाते थे। इसके बाद रायपुर, मध्य प्रदेश होते हुए उसे इलाहाबाद लाकर बेचते थे। गांजा की तस्करी के एवज में प्रति सदस्य 5000 और रास्ते का खर्चा 4500 रुपये मिलते थे। एसपी ने बताया कि करीब 30 लाख रुपये कीमत का 64 किलो गांजा बरामद हुआ है। गिरोह का सरगना संदीप जायसवाल निवासी करछना है जिसकी तलाश की जा रही है। वह पहले भी जेल जा चुका है। पकड़े गए लोगों के पास से छह मोबाइल व 18660 रुपये भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने वॉल्वो बस को भी कब्जे में ले लिया है।