मऊआइमा इलाके के चक श्याम गांव में शुक्रवार सुबह एक साधु के चक्कर में बखेड़ा हो गया। एक बालक को साथ ले जा रहे साधु को लोगों ने घेरकर पीटा तो वहां पहुंची पुलिस उसे जीप में खींचकर थाने ले जाने लगी। मगर भीड़ ने विरोध करते हुए पुलिस पर ही हमला कर दिया। पथराव के जवाब में पुलिस ने हवाई फायरिंग की। भीड़ को तितर-बितरकर कर साधु को थाने ले जाया गया। पथराव और फायरिंग में छह पुलिसवालों समेत ग्यारह लोग घायल हो गए। एक युवक को गोली लगी। बाद में पुलिस फोर्स ने बीस उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार सुबह बाकराबाद गांव से गुजर रहे करीब 60 वर्षीय साधु के पीछे कई बच्चे लग गए थे। वह चक श्याम उर्फ पूरे हिंचा गांव पहुंचा तो लोगों ने उसके साथ बाकराबाद गांव निवासी मंतलाल पटेल के आठ वर्षीय पुत्र धीरज कुमार को देखा तो उन्हें शक हुआ कि साधु उसे बहलाकर अपने साथ ले जा रहा है। वे साधु को घेरकर पीटने लगे। तभी धीरज मूर्छित हो गया तो लोग और भी भड़क उठे। उन्हें लगा कि साधु ने ही कुछ कर दिया है। करीब नौ बजे मऊआइमा थाने की पुलिस वहां पहुंची और साधु के साथ ही बच्चे को जीप में बैठाने लगी।
मगर भीड़ ने विरोध कर दिया। लोगों ने कहा कि साधु ही बच्चे को होश में लाए तब उसे छोड़ा जाएगा। खबर पाकर दूसरी जीप से थानाध्यक्ष सुनील दुबे भी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। खराबी आने पर पुलिस जीप को धक्का देकर स्टार्ट करने लगी तभी लोगों ने ईंट-पत्थर चला दिए। बचाव में पुलिसकर्मियों ने भी पथराव किया और हवाई फायरिंग की। पत्थर लगने से सिपाही इंद्रजीत, अखिलेश, हर्ष कुमार, संजीव कुमार, जयप्रकाश, वीरेंद्र कुमार जख्मी हो गए। ग्रामीणों में भी पांच लोग घायल हुए। कुछ दूर पर बाइक लेकर खड़े जय सिंह (25) की दाहिनी जांघ में गोली लगी तो वह घायल होकर गिर गया। हालांकि गोली पुलिस फायरिंग में लगी या भीड़ में किसी ने फायर किया, यह साफ नहीं हो सका।
जय सिंह ने बताया कि वह बहन की शादी का कार्ड बांटने निकला था तभी बवाल होता देख बाइक रोककर खड़ा हो गया। उसने नहीं देखा कि फायरिंग किसने की थी। इस बीच, भीड़ भारी पड़ने लगी तो फायरिंग करते हुए पुलिस साधु और बच्चे को जीप में बैठाकर थाने ले गई। कुछ देर बाद सोरांव और फूलपुर सीओ पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे और जाम लगाकर राहगीरों से बदसलूकी कर रही भीड़ को लाठीचार्ज कर खदेड़ा। पुलिस ने बीस लोगों को गिरफ्तार कर लिया। घायल जय सिंह को पुलिस ने एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया। घायल सिपाहियों का भी इलाज कराया गया। बालक धीरज के पिता मंतलाल ने साधु रामप्रसाद के खिलाफ बेटे को बहलाकर अपहरण के प्रयास का केस लिखाया। उधर, मध्य प्रदेश में कटनी जनपद के इस साधु का कहना था कि वह अयोध्या जाते वक्त गांव से गुजर रहा था तभी कई बच्चे साथ चलने लगे। उसने मना किया तो भी बच्चे नहीं माने। उसने किसी को बहलाया नहीं। हालांकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मऊआइमा के चक श्याम गांव में शुक्रवार सुबह पुलिस दल पर हमले और पथराव की घटना में मऊआइमा थानाध्यक्ष सुनील दुबे ने पचास लोगों को नामजद करते हुए 500 अज्ञात व्यक्तियों पर भी मुकदमा लिखा है। पुलिस ने बीस लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें रामकैलाश, अजय कुमार, सूरज, नितिन, रामप्रकाश, अयोध्या प्रसाद, शिवप्रसाद, पवन, नरेंद्र कुमार, सचिन कुमार, सुरेश, सुशील, रामू, विकास, कमल कुमार, कमलेश, बृजेश, दीपक शामिल हैं। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को गांव में छापेमारी की, जिससे ज्यादातर पुरुष फरार हो गए।