चार दिन पहले फर्जी मेल भेजकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्लेसमेंट अफसर के पद के लिए हुए इंटरव्यू से एक अभ्यर्थी को वंचित कर देने वाला साइबर शातिर शुक्रवार को पकड़ा गया। पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने उसे लखनऊ से गिरफ्तार किया और कनर्लगंज थाने की पुलिस को सौंप दिया। साइबर शातिर ने कृषि विश्वविद्यालय से एमएससी आईटी की पढ़ाई गई है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई भी की है। वह इलाहाबाद में करेली का रहने वाला है और उसके पिता रिटायर आईएफएस अफसर हैं। खास यह कि साइबर शातिर खुद प्लेसमेंट अफसर के लिए आवेदक था।
विश्वविद्यालय में 27 मार्च को प्लेसमेंट अफसर समेत विभिन्न पदों के लिए इंटरव्यू होने थे। मिर्जापुर में जन शिक्षण संस्थान के निदेशक पद पर तैनात अखिलेश कुमार शुक्ला ने भी आवेदन दिया था लेकिन 25 मार्च को उनके पास विश्वविद्यालय से मेल पहुंचा कि इंटरव्यू स्थगित कर दिया गया है। मेल देखने के बाद संतोष इंटरव्यू में नहीं पहुंचे। बाद में मालूम हुआ तो संतोष ने इविवि के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद इविवि प्रशासन ने पुलिस की साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट लिखवा दी। जांच में जुटी पुलिस ने शनिवार को लखनऊ में साइबर शातिर को दबोच लिया।
यह पूरा खेल करेली के रहने वाले आरपी सिंह पुत्र एसएन सिंह ने किया था। आरपी सिंह एमएससी आईटी है और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उसने एमबीए की पढ़ाई भी की है। वह खुद प्लेसमेंट अफसर के इंटरव्यू के लिए आवेदक था। उसका नाम सामने आने के बाद सभी हैरत में हैं। पुलिस की ओर से पूछताछ किए जाने पर उसने बताया कि जिस मेल आईडी से सभी अभ्यर्थियों को इंटरव्यू की तिथि और स्थान के बारे में सूचित किया गया था, उसी मेल आई की स्पेलिंग में सिर्फ एक अक्षर बदलकर उसने इंटरव्यू स्थगित होने की फर्जी सूचना भेजी।