धूमनगंज के झलवा इलाके में रविवार सुबह इंडियन ऑयल डिपो गेट के सामने एक महिला और उसके बेटे को गोली मार दी गई। कार और बाइक पर आए बदमाशों ने महिला पर फायरिंग की तो उसके बेटे ने ईंट-पत्थर उठाकर फेंके। बदमाशों ने उस पर भी फायर किया और भाग निकले। हड़बड़ी में एक बदमाश की पिस्टल वहीं गिर गई थी, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। घायल मां-बेटे को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया जहां एसपी क्राइम और एसपी सिटी समेत कई पुलिस अफसर पहुंच गए। परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि घटना में पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके करीबी प्रापर्टी डीलर कपिलदेव त्रिपाठी का हाथ है। शाम को घायल महिला की तहरीर पर धूमनगंज थाने में अतीक और कपिलदेव की साजिश पर अज्ञात बदमाशों द्वारा कातिलाना हमला करने का केस लिखा गया।
झलवा में इंडियन ऑयल डिपो के निकट रहने वाली सूरजकली उर्फ जयश्री कुशवाहा के पति बृजमोहन के पास झलवा में 10 बीघा जमीन थी। 1990 में एक सोसायटी से जमीन के लिए लिखापढ़ी होने के कुछ महीने बाद ही वह संदिग्ध हालात में गायब हो गए थे। आज तक उनका पता नहीं चला। बाद में उनकी ज्यादातर जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया। उनकी पत्नी सूरजकली तीन बेटों सुरेंद्र, नरेंद्र, महेंद्र के साथ गुजारा करती हैं। तीन बेटियों का वह ब्याह कर चुकी हैं। रविवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे का वाकया है। सूरजकली घर के बाहर खड़ी थीं। मंझला बेटा नरेंद्र भी वहीं था। तभी बिना नंबर की स्विफट कार और एक अपाचे बाइक आकर वहां आकर रुकी। बाइक सवार बदमाशों ने पिस्टल तानी तो सूरजकली घर के भीतर की तरफ भागीं। बदमाशों ने उन पर फायरिंग की।
उनके पीठ पर गले के पास गोलियां धसीं। वह घायल होकर गिरीं तो बेटे नरेंद्र ने बदमाशों पर ईंट-पत्थर फेंकते हुए शोर मचाया तो बदमाशों ने उस पर भी गोली चला दी। घायल होकर नरेंद्र गिरा तो आसपास के लोगों को आते देख कार और बाइक सवार बदमाश भाग गए। भागते वक्त एक बदमाश की देशी पिस्टल सड़क पर गिर गई। खबर पाकर थानाध्यक्ष धूमनगंज बृजेश द्विवेदी भी पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। पुलिस ने पिस्टल कब्जे में ले ली। सूरजकली (55) और उनके बेटे नरेंद्र (30) को एसआरन अस्पताल ले जाया गया। नरेंद्र के जांघ को चीरते गोली पार हो गई थी। उसके एक हाथ और कान को भी गोली छूते निकली थी। हालांकि डॉक्टरों ने उन दोनों की हालत खतरे से बाहर सामान्य बताई।
घटना की जानकारी पाकर प्रीतम नगर स्थित ससुराल से अस्पताल पहुंची सूरजकली की बेटियों समेत परिवार के लोगों ने इस हमले के पीछे अतीक अहमद के करीबी प्रापर्टी डीलर कपिलदेव त्रिपाठी का हाथ बताया। कहा कि वह जबरन उनकी जमीन को हड़पकर बेचने में लगे हैं। खबर पाकर शहर पश्चिमी की बसपा विधायक पूजा पाल भी अस्पताल पहुंचीं। घायलों को देखने के बाद वह धूमनगंज थाने गईं। पुलिस से कहा कि दोषियों पर मुकदमा लिख गिरफ्तारी की जाए। थानाध्यक्ष बृजेश द्विवेदी ने बताया कि सूरजकली की ओर से मिली तहरीर के आधार पर अतीक अहमद और कपिलदेव त्रिपाठी की साजिश पर सात अज्ञात बदमाशों पर हत्या की कोशिश की एफआईआर लिखी गई है। तहरीर में लिखा है कि अतीक और कपिल बार-बार धमकी दे रहे थे कि मुकदमा वापस ले लो वरना गोली मरवा दूंगा। तहरीर में सूरजकली ने जान पर खतरा जताते हुए सुरक्षा की फरियाद भी की है।
घटना के घंटे भर बाद घायल सूरजकली की बेटी सुनीता प्रीतम नगर स्थित ससुराल से रोते-कलपते एसआरएन अस्पताल पहुंची। उसने पुलिस के सामने पत्रकारों से कहा कि उसकी मां और भाई को गोली मारकर हत्या की कोशिश में प्रापर्टी डीलर कपिलदेव त्रिपाठी का हाथ है जो अतीक अहमद के लिए काम काम करते हैं। वह झलवा में उनकी दस बीघा में काफी जमीन पर कब्जा कर चुके हैं। उनकी मां ने करीब 14 साल पहले मुकदमा लिखाया था जिसमें अतीक अहमद भी बंधक बनाकर और धमकी देकर जबरन जमीन हड़पने के आरोप में नामजद हुए थे।
उस मुकदमे में वर्ष 2002 में पुलिस ने अतीक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे में दो अप्रैल को जिला अदालत में उसकी मां सुरजकली की गवाही होनी है। सुनीता ने कहा कि उनका अतीक मामा से रिश्ता सुधर रहा था। वह उनकी मां को बहन कहने लगे थे। सुनीता के अनुसार, अतीक मामा ने उनकी मां से कहा था कि गवाही नहीं दीजिए, हम फैसला कर देंगे। हम लोग तो चाह रहे हैं कि फैसला कर दिया जाए जमीन का। सुनीता के मुताबिक. कुछ दिन पहले भी मां सूरजकली उसकी ससुराल में मिलने आई तो बोली थी कि अतीक भैया ने कहा है कि गवाही नहीं देना। हम जमीन और पैसे का जल्द ही फैसला कर देंगे। सुनीता के मुताबिक, फैसला करने की बजाय कपिलदेव त्रिपाठी ने ही यह हमला कराया है।
जानलेवा हमले में बची सूरजकली उर्फ जयश्री ने अतीक अहमद के खिलाफ बंधक बनाकर जान से मारने की धमकी देते हुए जमीन लिखवाने के मुकदमे में गवाही से पहले आला अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी। परिवार के लोगों ने बताया कि उन्होंने पिछले तीन माह में दो बार प्रार्थनापत्र भेजे लेकिन उन्हें पुलिस से सुरक्षा नहीं मिल सकी। उन्हें हाल ही में धमकी मिली थी इसीलिए वह सुरक्षा चाह रही थीं। सूरजकली ने अतीक के खिलाफ 14 साल पहले धूमनगंज थाने में शहर पश्चिमी के तत्कालीन विधायक अतीक के खिलाफ मुकदमा लिखाया था।
इस घटना के बारे में पूर्व सांसद अतीक अहमद ने अमर उजाला संवाददाता से फोन बातचीत में कहा कि वह तो कई दिन से लखनऊ में हैं। उन्हें कई घंटे बाद इस घटना की जानकारी मिली कि सूरजकली को गोली मार दी गई। अतीक ने कहा कि सूरजकली तो अब उनसे नाराज नहीं थीं। कुछ साल पहले जब गिरफ्तार हुए तो वह उनसे मिलने बस्ती और मैनपुरी जेल भी आने लगीं थीं। उन्होंने सूरजकली के परिवार की मदद भी की है। सूरजकली और नरेंद्र पर फायरिंग में जुआरियों या उन बदमाशों का हाथ हो सकता है जो इंडियन ऑयल के टैंकरों से तेल चुराते हैं। धूमनगंज थाने में उनके खिलाफ मुकदमा लिखाने में विरोधी दल के नेताओं का हाथ है। एक नेता ने थाने में बैठकर केस लिखने का दबाव बनाया।
‘सूरजकली और उनके बेटे पर हमले में मुकदमा लिखकर जांच की जा रही है। गोली मारने वाले बदमाशों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी निकाली जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’
0राजेश यादव, एसपी सिटी