मऊआइमा के पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें दो शूटर और बाकी दो घटना में मददगार रहे हैं। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम आधी रात तक शूटरों को घटनास्थल पर लाने वाले शख्स की तलाश में छापेमारी करती रही। उसके पकड़े जाने पर ही साफ होगा कि असल में सुपारी किसने दी थी। देर रात पुलिस अफसरों ने भी यह मान लिया कि हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी का कत्ल करीब बीस रोज पहले मऊआइमा में सुल्तानपुर खास स्थित उनके निवास के गेट पर हुआ था। वह ढाबा में भोजन के बाद घर के सामने अपनी फारच्यूनर से उतरे तभी बदमाशों ने उन पर गोलियों की बौछार की और फरार हो गए। हत्याकांड में मौजूदा ब्लाक प्रमुख सुधीर मौर्या, भाजपा नेता अभिषेक यादव और शमी के गांव दुबाही में रहने वाले जाबिर को नामजद कराया गया। जांच के दौरान पुलिस का शक जाबिर और उसके जीजा निसार पर गहराया। मगर वे दोनों हाथ में नहीं आए। अलबत्ता छापेमारी और धरपकड़ से शूटरों का सुराग मिलता गया। हत्याकांड में दो मददगारों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। रविवार रात पुलिस और क्राइम ब्रांच ने हत्याकांड के सिलसिले में चार लोगों को पकड़ लिया जिसमें दो शूटर हैं। वे दोनों भी प्रतापगढ़ के ही रहने वाले हैं।
हत्याकांड में विमल कहार, महेंद्र पासी, बाली पासी और राजकुमार मौर्या के अलावा कुछ और मददगार शामिल रहे। इनमें विमल, बाली, महेंद्र घटनास्थल पर राजकुमार के साथ आए और शमी पर करीब से फायरिंग की। महेंद्र पासी को घटना के बाद उसके साथियों ने ही मार दिया था। पुलिस ने रविवार रात विमल और बाली समेत चार लोगों को पकड़ लिया। शूटरों से पूछताछ में चौंकाने वाली यह जानकारी मिली कि उन्हें नहीं पता था कि वे किसका कत्ल करने गए थे। दूसरे रोज अखबारों में खबर छपी तो उन्हें भी मालूम हुआ। वे खुद घबरा गए। सीओ आलोक मिश्रा के अनुसार, शूटरों को राजकुमार मौर्या घटनास्थल तक लाया था। उसके पकड़ में आने पर मालूम हो सके गा कि उसे पूर्व ब्लाक प्रमुख शमी की हत्या का ठेका किसने दिया था। अब तक पुलिस जाबिर को मुख्य आरोपी मानती रही है लेकिन राजकुमार के फोन कॉल की डिटेल से एक और आरोपी पर शक गहराया है। हालांकि इस बारे में अभी पुलिस अधिकारी कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।