नैनी स्थित घर से सोमवार शाम निकलने के बाद से लापता अमर उजाला के कर्मचारी अभिषेक मिश्रा की रहस्यमय हालात में मौत हो गई। उनका क्षतविक्षत शव मंगलवार सुबह घर से करीब चार किलोमीटर दूर औद्योगिक क्षेत्र इलाके में सुनसान क्षेत्र से गुजरे रेलवे ट्रैक पर मिला। जेब में मिले पहचान पत्र के जरिए शिनाख्त हो सकी। घटना से सदमे में डूबे परिवार के लोग भी समझ नहीं पा रहे कि आखिर हुआ क्या? इस बारे में पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार वह ट्रेन की चपेट में आ गए थे। फिलहाल घटना की छानबीन की जा रही है।
नैनी में पीएसी कॉलोनी निवासी पत्रकार विनय मिश्र उर्फ बाबा के दो बेटों में अभिषेक (35) बड़े थे। वह अखबार के विज्ञापन विभाग में डिजाइनिंग का काम करते थे। नवंबर 2007 में उनका ब्याह भुंडा गांव करछना की प्रभा के साथ हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं स्तुति और वैष्णवी। छोटे भाई अभिनव उर्फ मोनू रायबरेली में कौशल विकास योजना में कार्यरत हैं। हालांकि पैर में चोट की वजह से मोनू अभी नैनी स्थित घर पर ही हैं। अभिषेक सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर से निकलने के बाद से लापता थे।
वह घर से पैदल ही निकले थे। मोबाइल फोन भी साथ नहीं ले गए थे। रात भर परिवार के लोगों ने खोजा मगर कुछ पता नहीं चल सका। मंगलवार सुबह घर से करीब चार किलोमीटर दूर औद्योगिक क्षेत्र इलाके के सड़वा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर किसी ने युवक का क्षतविक्षत शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आकर कपड़ों की तलाशी ली तो पैंट की जेब में अखबार का पहचान पत्र मिला। उसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर में खबर पाकर लापता अभिषेक के भाई मोनू समेत कुछ लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो उन्होंने पहचान की। अभिषेक के दोनों हाथ कटे थे। सिर और चेहरा कुचला था।
पैर भी टूटे थे। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर इस नतीजे पर पहुंचे कि अभिषेक को यह चोट ट्रेन की ही चपेट में आने से लगी। हालांकि मौत का समय मंगलवार भोर में आंका गया है जबकि अभिषेक सोमवार शाम से लापता थे। पुलिस का कहना है कि अभिषेक के मोबाइल की कॉल डिटेल हासिल कर जांच होगी। परिवार के लोगों से कत्ल के अंदेशे के बारे में भी बात की गई लेकिन उन्होंने किसी रंजिश से इनकार किया। एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्र ने कहा है कि तफ्तीश की जाएगी और कोई जानकारी मिली तो उसके तहत कार्रवाई होगी।