रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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इलाहाबाद। अमेरिका के कैलिफोर्निया में तीन महीने से लापता बेली के साफ्टवेयर इंजीनियर दिलीप कुमार श्रीवास्तव का पता चल गया है। शैनोजी थाने की पुलिस ने पिता बृज बिहारी लाल को बुधवार को ई-मेल के माध्यम से इसकी जानकारी दी। पुलिस के इस मेल से सभी तरह की आशंकाएं दूर हो गईं हैं और परिवार में खुशी का माहौल है। 72 वर्षीय पिता का कहना है कि इस मेल ने उन्हें जीने का सहारा दे दिया। उन्होंने बताया कि परिवार वालों की दिलीप से एक-दो दिनों में बात होने की उम्मीद है।
बेहतर कॅरियर की उम्मीदों के साथ अमेरिका गए दिलीप का तीन महीने से कोई पता नहीं चल रहा था। अप्रैल के आखिरी सप्ताह से उनके मोबाइल पर इनकमिंग की सुविधा भी खत्म हो गई थी। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में बदले माहौल से आशंकित पिता बृज बिहारी लाल ने कैलिफोर्निया पुलिस से संपर्क करने के अलावा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को भी सूचित किया और मदद की गुहार लगाई। 14 मई को पत्र लिखने के साथ वह संबंधित अफसरों के लगातार संपर्क में रहे। इसके अलावा पीएमओ तथा विदेश मंत्री की ओर से भी मेल के माध्यम से बताया गया कि दिलीप की तलाश शुरू कर दी गई है।
अब जाकर उन्हें राहत देने वाली खबर मिली है। अमेरिका में शैनोजी की पुलिस ने मंगलवार को दिलीप की मीसिंग दर्ज की और बुधवार को उनके सुरक्षित होने की सूचना भी आ गई। पहले पुलिस की ओर से कुछ दिन पहले तक दिलीप के जेल में होने की जानकारी दी गई थी लेकिन अब उनकी वर्तमान लोकेशन भी मिल गई है। वहां की पुलिस ने मेल के माध्यम से सूचित किया है कि परिवार वाले चाहें तो बात कराई जा सकती है। बृज बिहारी लाल का कहना है उनकी ओर से भी वार्ता के लिए मेल से जवाब भेजा गया है। बृज बिहारी ने बताया कि यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर वह हर स्तर से मदद के लिए तैयार हैं।