इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में नकल माफिया ने सभी हदें पार कर दीं हैं। उन्हें अब उड़ाका दल का भी भय नहीं रह गया है। शनिवार को कौशांबी स्थित रामनाथ सिंह डिग्री कॉलेज, चायल केंद्र में सॉल्व पेपर से सामूहिक नकल का मामला पकड़ा गया और यह सब उड़ाका दल की मौजूदगी में होता रहा। पुलिस से मदद मांगी गई, लेकिन फोर्स मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस से सहयोग न मिलने पर कुलपति ने प्रदेश की मॉनिटरिंग कमेटी को सूचना दी और इसके बाद शासन के हस्तक्षेप पर प्रशासनिक अमला और पुलिस फोर्स पहुंची।
इस बीच वहां पहुंचे कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने प्रभारी केंद्र व्यवस्थापक विनय तिवारी और प्रबंधक डॉ. एसके पटेल को पुलिस हिरासत में दे दिया। साथ ही दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने केंद्र की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया है। साथ ही राज्य विवि से उस केंद्र की महाविद्यालय के रूप में संबद्धता भी समाप्त की जा सकती है। इसके अलावा अन्य केंद्रों से चार नकलचियों को पकड़ा गया।
राज्य विश्वविद्यालय की शनिवार को दूसरी पाली में दोपहर तीन से शाम छह बजे तक बीए द्वितीय वर्ष की संस्कृत के दूसरे पेपर और बीएससी प्रथम की भौतिक विज्ञान के पहले पेपर की परीक्षा थी। कौशांबी स्थित रामनाथ सिंह महाविद्यालय, चायल में एक घंटा पहले ही पेपर का बंडल खोल दिया गया। उड़ाका दल मौके पर पहुंचा तो वहां सॉल्व पेपर पकड़ा गया। पेपर केंद्र से बाहर तो नहीं गया, लेकिन उड़ाका दल की अनदेखी करते हुए परीक्षा शुरू करा दी गई और सॉल्व पेपर से पूरे केंद्र में नकल कराई गई। सूचना मिलते ही राज्य विवि के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कौशांबी के एसपी प्रदीप गुप्ता से फोन पर बात की और फोर्स मांगी, लेकिन एक घंटे बाद भी वहां फोर्स नहीं पहुंची और नकल जारी रही।
इसके बाद कुलपति ने सीधे प्रदेश स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी को सूचना दी। कमेटी ने सीधे शासन को रिपोर्ट भेजी और शासन स्तर के अफसरों ने कौशांबी के डीएम से फोन पर संपर्क किया। हालांकि, तब तक परीक्षा खत्म होने वाली थी। शाम को कुलपति के साथ कौशांबी के एसडीएम और प्रशासनिक अमला केंद्र पर पहुंचा। कॉपियां सील कर दी गईं। कुलपति ने बताया कि मामला गंभीर है। संबंधित केंद्र की परीक्षा निरस्त की जा रही है। साथ ही रामनाथ महाविद्यालय की विश्वविद्यालय से संबद्धता समाप्त किए जाने पर भी विचार हो रहा है।
नकल कराने को मांगे दो-दो हजार रुपये
इलाहाबाद राज्य विवि की परीक्षाओं में नकल माफिया पर नकेल कस पाने में विश्वविद्यालय प्रशासन और शासन अब तक विफल रहा है। मेजा के एक केंद्र में नकल के लिए खुलेआम पैसे की मांग की जा रही है। केंद्र के परीक्षार्थियों ने अपने बयान वीडियो में दर्ज कर प्रदेश मॉनिटरिंग कमेटी के स्टेट कोऑर्डिनेटर के व्हाट्सएप नंबर पर भेजा है। स्टेट कोऑर्डिनेटर ने पूर मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
परीक्षार्थियों ने शिकायत दर्ज कराई है कि राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के दौरान मेजा के एक केंद्र में परीक्षार्थियों से नकल के लिए दो-दो हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। पैसा देने वाले परीक्षार्थियों को गाइड के साथ केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है और उनके बैठने का इंतजाम अलग से किया जा रहा है। इसके साथ ही केंद्र से बाहर कॉपी लिखने के लिए दस-दस हजार रुपये लिए जा रहे हैं। नकल के दौरान कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जा रहे हैं।
एक बेंच पर चार-चार परीक्षार्थियों को बैठाया जा रहा है। खुद कॉलेज मैनेजर नकलमाफिया की भूमिका में है। मैनेजर ने गांव के लोगों और कुछ अभिभावकों को कक्षनिरीक्षक बना रखा है जो मैनेजर के इशारे पर काम कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेट कोऑर्डिनेटर ने शासन को रिपोर्ट भेजते हुए जांच कराए जाने की सिफारिश की है।